Shikaripura Karnataka Election Results 2023: कर्नाटक में एक विधानसभा सीट है, नाम है शिकारीपुरा। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेताबीएस येदियुरप्पा का गढ़ रहा है। अगर कहें कि शिकारीपुरा का शिकारी बीएस येदियुरप्पा है तो शायद गलत नहीं होगा। यहां से बीजेपी सिर्फ दो बार हारी है, बाकी बार यहां से बीजेपी ही जीतती रही है, और बीजेपी से भी बीएस येदियुरप्पा जीतते रहे हैं, लेकिन इस बार येदियुरप्पा मैदान में नहीं हैं, उन्होंने अपने बेटे विजयेंद्र के लिए सीट खाली कर दी है। येदियुरप्पा ने अपने बेटे को ही यहां से उत्तराधिकारी बनाया है और उन्हें ही जीतने में लगे हैं, लेकिन इस बार का समीकरण थोड़ा खराब दिख रहा है।
शिकारीपुरा में येदियुरप्पा की प्रतिष्ठा दांव पर
क्या है इतिहास
बीजेपी पहली बार 1999 में हारी थी, जब येदियुरप्पा कांग्रेस उम्मीदवार से हार गए थे। दूसरी बार 2013 में था, जब येदियुरप्पा ने भाजपा से अलग होने के बाद कर्नाटक जनता पक्ष (केजेपी) नामक एक नया संगठन बनाया था, जिसके बाद भाजपा को यहां से हार मिली थी। हालांकि, वह 20214 में भाजपा में लौट आए और शिकारीपुरा से 2018 का विधानसभा चुनाव फिर से लड़ा और कांग्रेस नेता गोनी मालटेस्टा को हराकर निर्वाचन क्षेत्र जीतने में सफल रहे। येदियुरप्पा 1983 से लगातार सीट जीत रहे हैं, तब भाजपा ने पहली बार कर्नाटक में चुनाव लड़ा था। पिछले चार दशकों में, येदियुरप्पा 1999 में केवल एक बार कांग्रेस उम्मीदवार से अपना गढ़ हारे हैं।
कौन है विजयेंद्र?
भाजपा के दिग्गज बीएस येदियुरप्पा के बेटे, बीवाई विजयेंद्र, ने पहले कर्नाटक इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव के रूप में कार्य किया है। शिकारीपुरा में जन्मे इस नेता को 2020 में भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। विजयेंद्र को हाल ही में कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा की 25 सदस्यीय चुनाव समिति में नियुक्त किया गया था।
क्या है इस बार का समीकरण
इस बार भी इस सीट पर बीएस येदियुरप्पा का पलड़ा भारी है, यानि बीजेपी को बढ़त है, लेकिन टक्कर जोरदार होने की बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि बीएस येदियुरप्पा अपना उत्तराधिरी घोषित तो कर दिए हैं, लेकिन वो सीएम फेस तो है नहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने जी मालातेश को चुनावी मैदान में उतारा है, जो पिछली बार 35 हजार वोट से हारे थे, लेकिन तब येदियुरप्पा मैदान में थे, उनके बेटे नहीं। अब एक और समीकरण सामने आ रहा है वो है कांग्रेस के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार एस पी नागराज गौड़ा, इनकी इस सीट पर काफी चर्चा है। बीजेपी और कांग्रेस के विरोधी वोट, इनके पक्ष में लामबंद होने की बात कही जा रही है। हालांकि यह सममीकरण कांग्रेस के खिलाफ भी जा सकता है और विजयेंद्र यहां से आसान जीत हासिल कर सकते हैं।
