Rajasthan Kunwar Vishwaraj Singh Mewar Nathdwara Election 2023 Profile: महाराणा प्रताप के वंशज और मेवाड़ राजघराने के नामचीन सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ 17 अक्टूबर को बीजेपी में शामिल हुए। बीजेपी ने तुरंत उन्हें राजस्थान विधानसभा चुनाव में उतार दिया। नाथद्वारा से उम्मीदवार बना दिया। कांग्रेस ने यहां से डॉक्टर सीपी जोशी को उम्मीदवार बनाया है। विश्वराज के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ चित्तौड़गढ़ से सांसद रह चुके हैं। वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे और रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। चित्तौड़गढ़ से उनकी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड आज भी कायम है, कोई नहीं तोड़ पाया है। वर्ष 1989 में वह 1 लाख 90 हजार से अधिक वोटों से जीते थे। हालांकि वह बाद में कांग्रेस से जुड़ गए थे और उन्हें अगले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी को महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ से बड़ी उम्मीद है वह न केवल अपनी सीट जीतेंगे बल्कि आस-पास के सीटों पर भी जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि उनके बीजेपी में शामिल होने से उदयपुर की नहीं बल्कि मेवाड़ की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा। तीन दशक बाद इस राजघराने का कोई सदस्य बीजेपी से जुड़ा है।
महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ चुनाव मैदान में
जानें कौन हैं विश्वराज सिंह मेवाड़
महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ राजघराने के अंतिम महाराणा भगवत सिंह के पौत्र हैं। उनके दो बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ और अरविंद सिंह मेवाड़ हैं। विश्वराज सिंह मेवाड़ के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ चित्तौड़गढ़ से बीजेपी सांसद रह चुके हैं। पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ इन दिनों पीछोला झील में बड़ी पाल के पास समोर बाग में रहते हैं। जबकि विश्वराज सिंह मेवाड़ का परिवार देश का आर्थिक राजधानी मुंबई में रहता है। महेंद्र सिंह मेवाड़ के छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ अपने पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के साथ सिटी पैलेस के पास बने राजमहल में रहते हैं। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सीधे तौर पर राजनीति से नहीं जुड़े हैं। लेकिन राज्यपाल कलराज मिश्र ने उन्हें अपना सलाहकार बनाया हुआ है। विश्वराज सिंह के दादा महाराणा भगवत सिंह 1969 में सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष भी बने थे।
अजमेर में स्कूल शिक्षा, मुंबई में कॉलेज की पढ़ाई
विश्वराज सिंह मेवाड़ ने की स्कूली शिक्षा अजमेर से हुई और इसके बाद मुंबई चले गए। वहीं कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। 30 साल बाद परिवार के किसी सदस्य के फिर से राजनीति में आने पर उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हर नागरिक को साथ देना चाहिए और हाथ बढ़ाना चाहिए। इसलिए मैं भी आया हूं। माना जा रहा है कि विश्वराज सिंह को राजनीति में लाने में सांसद दिया कुमारी का बड़ा हाथ है।
