Rajasthan Election Congress Manifesto: कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को जयपुर में घोषणा पत्र जारी किया। कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में किसानों को 2 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने, पंचायत स्तर पर भर्ती के लिए नई योजना लाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसानों को एमएसपी देने, जाति जनगणना कराने का वादा किया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था इस साल के अंत तक 15 लाख करोड़ रुपये की हो जाएगी और 2030 तक इसे 30 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है, हम वही वादे करते हैं जो पूरा कर सकते हैं। राजस्थान में हम पांच साल में 10 लाख नौकरियां देंगे, उसमें से चार लाख नौकरियां सरकारी होंगी।
जानिए घोषणापत्र की बातें
कांग्रेस ने दोबारा सत्ता में आने पर किसानों को दो लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने, युवाओं को पांच साल में दस लाख रोजगार देने और छोटे व्यापारियों को पांच लाख रुपए तक का कर्ज बिना ब्याज देने सहित कई घोषणाएं की हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने मुफ्त इलाज की अपनी महत्वाकांक्षी चिरंजीवी योजना में बीमा कवर की राशि को दोगुना कर 50 लाख रुपए करने, जाति जनगणना करवाने तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की निरंतरता हेतु कानून बनाने का वादा किया है। पार्टी ने जातीय जनगणना के बाद अल्पसंख्यकों को उनकी आबादी के अनुसार आरक्षण देने की बात भी की है।
राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा तथा वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के साथ यहां कांग्रेस मुख्यालय में यह 'जन घोषणा पत्र' जारी किया। डॉ, जोशी ने कहा, हम 2030 का मिशन लेकर चल रहे हैं, उसे ही घोषणा पत्र का आधार बनाया गया है। एक नया राजस्थान बनाने के लिए 2030 की कल्पना लेकर हम घोषणा पत्र पेश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घोषणा पत्र के आधार पर जनता कांग्रेस को जनादेश देगी।
पार्टी के इस 'जन घोषणा पत्र 2' में कहा गया है, कांग्रेस ने देश के सबसे सस्ते, 500 रुपए में सिलेंडर देने की योजना का विस्तार एनएफएसए और बीपीएल परिवारों के लिए करने की गारंटी दी है। हम भविष्य में उज्जवला, एनएफएसए तथा बीपीएल परिवारों को और राहत देते हुए 400 रुपए में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाएंगे। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा करते हुए इसमें कहा गया है कि स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों के आधार पर 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' गारंटी लागू करने के लिए एक विशिष्ट कानून बनाया जाएग। सभी किसानों को सहकारी बैंकों से दो लाख रुपए तक के ब्याज मुक्त कृषि ऋण की सुविधा दी जाएगी। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना ईआरसीपी के क्रमबद्ध कार्यान्वयन के लिए विस्तृत योजना पेश की जाएगी। इसके अनुसार, राज्य में पांच साल में दस लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें चार लाख सरकारी नौकरियां होंगी। पंचायत स्तर पर भर्ती की एक नई योजना लाई जाएगी। महिला सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
जातिगत जनगणना करवाने की बात करते हुए घोषणा पत्र में कहा गया है, समाज के सभी तबकों के लिए समान सामाजिक कल्याण की भावना पर आधारित नीति बनाने हेतु वास्तविक जनसंख्या के आधार पर लाभ निर्धारण के लिए जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मुफ्त चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा की राशि को 25 लाख रुपए सालाना से बढ़ाकर 50 लाख रुपए सालाना करने की घोषणा की है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना की तरह ही एक व्यापारी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की जाएगी जिसमें छोटे व्यापारियों, दुकानदारों व युवा उद्यमियों को पांच लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
इसी तरह ऑटो व टैक्सी चालकों को गिग वर्कर्स कल्याण अधिनियम के दायरे में लाने के लिए कानून में संशोधन करने की बात घोषणा पत्र में है। साथ ही कहा गया है कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को निरंतर जारी रखने के लिए कानून बनाया जाएगा। सुशासन के लिए 'जवाबदेही तथा स्वतः सेवा प्रदायगी कानून' लाया जाएगा। घोषणापत्र में वे सात गारंटियां भी शामिल हैं जिनकी घोषणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले ही कर चुके हैं। इनमें परिवार की महिला मुखिया को 10,000 रुपये का वार्षिक सम्मान, 1.05 करोड़ परिवारों के लिए 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर, पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर की खरीद, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का कानून, सरकारी कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को लैपटॉप या टैबलेट देना, प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रति परिवार 15 लाख रुपये तक का बीमा कवर शामिल है।
