Mizoram Election 2023: मिजोरम की राजनीति में जोरामथंगा एक जाना-माना नाम हैं। 13 जुलाई 1944 को जन्मे जोरामथंगा मिजोरम के मुख्यमंत्री पर पर काबिज हैं। उनकी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट 2008 के चुनावों में कांग्रेस से चुनाव हार गई थी। लेकिन 2018 में जोरामथंगा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। अब 2023 का रण शुरू हो चुका है। मिजोरम में विधानसभा चुनाव के तहत 7 नवंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।
जोरामथंगा
मिजो नेशनल फ्रंट चुनावी अभियान में जुटी
सूबे की सत्ता पर काबिज मिजो नेशनल फ्रंट चुनावी रणनीति में जुटी है और कांग्रेस उसे टक्कर देने की कोशिश में है। एमएनएफ अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है और सीएम जोरामथंगा खुद आइजोल पूर्व-1 और डिप्टी सीएम टावनलुइया तुइचांग सीट से चुनाव मैदान में हैं। एमएनएफ और जोरामथंगा जीत की रणनीति बनाने में जुटे हैं। जोरामथंगा 1998 और 2003 के विधानसभा चुनाव जीतकर 10 साल मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अब कोशिश 2023 में भी वही जादू दिखाने की है।
कांग्रेस सत्ता वापसी की कोशिश में
वहीं, कांग्रेस भी पांच साल बाद सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है। पूर्व सीएम लालथनहलवा सक्रिय हो चुके हैं और राज्य में सभी विधानसभा सीटों के दौरे कर रहे हैं। नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें रणनीति को धार देने में जुटे हैं। एक और नेता लालदुहान भी चुनावी लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं। लालदुहान की पार्टी जोराम पीपुल्स मूवमेंट भी जोर-शोर से अभियान में जुटी हुई है।
2018 में कांग्रेस को मिली शिकस्त
साल 2018 के चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली थी। पार्टी को महज पांच सीटें ही मिली थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री लालथनहलवा भी अपनी सीट गंवा बैठे थे। जोरामथंगा के नेतृत्व वाली मिजो नेशनल फ्रंट को 40 सदस्यों वाली मिजोरम विधानसभा की 26 सीटों पर जीत हासिल की थी। जोराम पीपुल्स मूवमेंट आठ सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
