Madhya Pradesh Politics: मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की हार के बाद प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ से इस्तीफा मांगे जाने की बात सामने आई। सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि पार्टी ने उनसे इस पद से हटने को कहा है। हालांकि, खुद कमलनाथ ने इस तरह की खबरों का सिरे से खंडन करते हुए उन्हें अफवाह करार दिया था। इस बीच, अन्य सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को जानकारी दी कि म.प्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ मंगलवार (पांच दिसंबर 2023) को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भेंट कर सकते हैं। साथ ही इस दौरान वह अपना इस्तीफा भी सौंप सकते हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सूबे के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। (फाइल)
एक रोज पहले यानी सोमवार (चार दिसंबर, 2023) को सूत्रों ने इस बाबत बताया कि कमलनाथ खड़गे से मिल सकते हैं। उन्हें पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है। ऐसा कहा गया कि कांग्रेस आलाकमान विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक समाजवादी पार्टी (सपा) चीफ अखिलेश यादव (यूपी के पूर्व सीएम) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सुप्रीमो नीतीश कुमार (बिहार के मुख्यमंत्री) सहित अन्य नेताओं के खिलाफ सीट बांटवारे को लेकर कमलनाथ की तरफ से की गई टिप्पणियों से भी खफा हैं।
दरअसल, प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जहां सपा केवल चार से छह सीटें मांग रही थी। वहीं, जदयू ने महज एक सीट पर दावेदारी की थी। हालांकि, कमलनाथ इस पर रजामंद नहीं थे। उन्होंने ऐसा कर साल 2024 में भाजपा से मुकाबले करने के लिए बनाए गए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं को नाराज कर दिया था। सूत्रों ने आगे यह भी कहा कि आलाकमान कथित तौर पर कमलनाथ के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से नहीं मिलने, पर सोमवार को सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात से भी नाराज हैं।
सूबे की राजधानी भोपाल में सोमवार को कमलनाथ बेटे नकुल नाथ के साथ मुख्यमंत्री शिवराज से मिलने पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने इस दौरान विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर उन्हें बधाई दी थी। वैसे, प्रदेश में 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ और चौहान के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी, पर सोमवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता ने चौहान को गुलदस्ता भेंट किया था। चौहान राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत के नायक बनकर उभरे हैं और वह सबसे लंबे समय तक भाजपा से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।
वैसे, कांग्रेस ने सूबे के चुनाव में हार और खराब प्रदर्शन के कारणों पर चर्चा के लिए मंगलवार को सभी 230 उम्मीदवारों की बैठक बुलाई है। पार्टी नेताओं की ओर से इस बारे में बताया गया कि मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा होगी कि पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए और कैसे आगे बढ़ाया जाए। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी और अन्य लोग प्रतिभागियों के साथ पार्टी की हार के कारणों पर चर्चा करेंगे, जबकि बैठक को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ संबोधित करेंगे। सोमवार को उम्मीदवारों को इस बाबत भेजे गए पत्र में कहा गया, ‘‘महत्वपूर्ण बैठक में आपकी उपस्थिति जरूरी है। अनुरोध है कि आप सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचें।’’
