प्रशांत किशोर या योगेंद्र यादव ? चुनावी नतीजों को लेकर किसका आकलन सबसे सटीक, पढ़ें पूरा एनालिसिस

Prashant Kishore v/s Yogendra Yadav: पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर और योगेंद्र यादव दोनों ने भाजपा के 400 पार वाले नारे से असहमति जताई थी। आइए जानते हैं किसका आकलन सही साबित होते हुए दिखा।

Prashant Kishore v/s Yogendra Yadav: देश में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे लगभग स्‍पष्‍ट होते नजर आ रहे हैं। नतीजों में NDA का प्रदर्शन I.N.D.I.A.से बेहतर दिख रहा है, लेकिन पिछले चुनावों की अपेक्षा एनडीए मजबूत स्थिति में नजर नहीं आ रही है। चुनावों के बीच कई रणनीतिकारों ने सभी दलों को मिलने वाले जनादेश का आकलन किया था। पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने की बात कही थी तो वहीं योगेंद्र यादव ने कहा था कि, भाजपा अपने दम पर 260 पार नहीं कर पाएगी। प्रशांत किशोर ने पांचवे चरण के बाद भाजपा को 300 सीटें मिलने का दावा किया था जिसमें उन्‍होंने ये भी कहा था कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई व्यापक गुस्सा नहीं है।

प्रशांत किशोर और योगेंद्र यादव।

प्रशांत किशोर की गणित समझें

पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने कहा था कि, 'जिस दिन से पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी को 370 सीटें मिलेंगी और एनडीए 400 का आंकड़ा पार करेगा, मैंने कहा कि यह संभव नहीं है। ' प्रशांत किशोर ने कहा था, 'जिस दिन से पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी को 370 सीटें मिलेंगी और एनडीए 400 का आंकड़ा पार करेगा, मैंने कहा कि यह संभव नहीं है. ये सब कुछ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए टारगेट सेट किया जा रहा है। बीजेपी के लिए 370 सीटें हासिल करना असंभव है, लेकिन यह भी निश्चित है कि पार्टी 270 के आंकड़े से नीचे नहीं जा रही है। मुझे लगता है कि भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव में मिली संख्या के बराबर ही सीटें हासिल करने में सफल रहेगी, जो कि 303 सीटें या शायद उससे थोड़ी बेहतर है।' PK ने ये भी कहा था कि, भाजपा को लोकसभा चुनाव में उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों में कोई भौतिकवादी नुकसान नहीं होते दिख रहा है। हालांकि, दक्षिण और पूर्व 300 सीटों के अनुमान पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा था कि भाजपा को लोकसभा चुनाव में उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों में कोई भौतिकवादी नुकसान (materialist damage) नहीं हो रहा है, जबकि दक्षिण और पूर्व जैसे- बिहार, बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भाजपा की सीटों में बढ़ातेरी होगी।

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