'झुग्गीवालों को फायदे गिनाने के साथ-साथ सतर्क कर रहे केजरीवाल'

2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सेंट्रल दिल्ली की झुग्गी बस्तियों के 50 फीसदी से ज्यादा वोट आम आदमी पार्टी को मिले थे। वहीं पूर्वी दिल्ली में 52 फीसदी, बाहरी दिल्ली में 53 फीसदी वोटरों ने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था यानी झुग्गी बस्तियों में आधे से ज्यादा वोटरों ने आम आदमी पार्टी को अपना मत दिया। पढ़ें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष भारद्वाज का यह विशेष आलेख

आशुतोष भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार : दिल्ली में सत्ता की चाबी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों वोटरों के पास माना जाता है क्योंकि दिल्ली का हर चौथा मतदाता झुग्गियों में रहता है और ये बढ़-चढ़ कर वोटिंग में हिस्सा भी लेते हैं। ऐसे में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को लुभाने के लिए आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां लगी हुई हैं। दिल्ली में 1800 से ज्यादा छोटी-बड़ी झुग्गी बस्तियां हैं जिनमें करीब 20 लाख मतदाता रहते हैं। यानी दिल्ली के कुल मतदाताओं की 30 फीसदी आबादी। ये जिन पर मेहरबान होते हैं सरकार उसी की बनती है। 2013-14 से अभी तक के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को सत्तासीन करने में इनका अहम रोल रहा है।

Arvind Kejriwal

दिल्ली में पांच फरवरी को होगा मतदान।

2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सेंट्रल दिल्ली की झुग्गी बस्तियों के 50 फीसदी से ज्यादा वोट आम आदमी पार्टी को मिले थे। वहीं पूर्वी दिल्ली में 52 फीसदी, बाहरी दिल्ली में 53 फीसदी वोटरों ने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था यानी झुग्गी बस्तियों में आधे से ज्यादा वोटरों ने आम आदमी पार्टी को अपना मत दिया। इन वोटरों को अपने पाले में करने के लिए सभी पार्टियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। हालांकि, फ्री बिजली और फ्री पानी का जादू इन पर अभी भी चलता हुआ दिख रहा है।

End of Feed