West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच घमासान मचा हुआ है। इस बीच, टाइम्स नाउ नवभारत की बंगाल यात्रा उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार यानी जलपाईगुड़ी पहुंची है, जो अपनी चाय, संस्कृति और तीस्ता नदीं के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक रूप से राजवंशी साम्राज्य का हिस्सा रहा जलपाईगुड़ी आज विकास के एक नए मोड़ पर खड़ा है, जहां फोर-लेन सड़कों और पार्कों का सौंदर्यीकरण तो हुआ है, लेकिन बुनियादी चुनौतियां बरकरार हैं। लोगों के बीच बेरोजगारी, शिक्षा और नारी सुरक्षा जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में हैं।
बंगाल यात्रा
बंगाल यात्रा के खास एपिसोड में एंकर श्वेता भट्टाचार्य ने जलपाईगुड़ी की जनता से बात कर एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है, वो देखने के लिए वीडियो पर क्लिक करें।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पिछले 10 सालों में जलपाईगुड़ी में काफी बदलाव आया है, जैसे फोर-लेन सड़कों का निर्माण, राजबाड़ी का सौंदर्यीकरण और पार्कों का विस्तार इत्यादि। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जितना विकास होना चाहिए था, उतना अभी नहीं हुआ है।
रोजगार और शिक्षा बड़ा मुद्दा
युवाओं का मानना है कि महज बुनियादी ढांचे के विकास के काम नहीं चलेगा, उन्हें शिक्षा, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और नौकरियों की जरूरत है। स्थानीयों का कहना है कि 1500 रुपये के सरकारी भत्ते से घर नहीं चलता और युवा शादी तक नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए राज्य में कंपनियों और स्थायी रोजगार का होना जरूरी है।
कटमनी को लेकर नाराजगी
लोगों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, 'कटमनी' और 'सिंडिकेट' को लेकर नाराजगी देखी गई है। कुछ लोगों का मानना है कि इस बार 'खेला खत्म' होगा और भाजपा सत्ता में आएगी, जबकि कुछ अन्य का मानना है कि दीदी (ममता बनर्जी) को हटाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय होती है।
