Delhi Vidhan Sabha Chunav : दक्षिणी दिल्ली की कालकाजी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा ने सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी पर निशाना साधा। चुनाव लड़ने के लिए आतिशी को मिले 17 लाख रुपए के चंदे पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। लांबा ने पूछा कि इस 17 लाख रुपए में से कालकाजी के लोगों का हिस्सा कितना है, इसका खुलासा उन्हें करना चाहिए। कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि वह पूर्व विधायक हैं और उन्हें पेंशन के रूप में 15 हजार रुपए मिलते हैं। वह अपना चुनाव लोगों की गाढ़ी कमाई से नहीं बल्कि अपनी मेहनत के पैसों से लड़ेंगी क्योंकि कालकाजी की जनता पहले से ही टैक्स देती आई है। लांबा ने कहा कि वह मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। उनके नामांकन में कोई काफिला नहीं होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025
काफिले के साथ आतिशी का नामांकन
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले एक रैली का नेतृत्व किया।
अपनी रैली शुरू करने से पहले आतिशी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया के साथ गिरि नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु गोविंद साहिब में मत्था टेका। इससे पहले दिन में उन्होंने मां काली को समर्पित कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की और अपने अभियान के लिए आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'आज अपना नामांकन दाखिल करने से पहले मैं कालकाजी मंदिर में मां काली का आशीर्वाद लेने आई हूं। मेरा मानना है कि मां कालका का आशीर्वाद हमेशा मुझ पर, आम आदमी पार्टी पर और कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के लोगों पर बना रहेगा।'
गरीब विरोधी पार्टी है भाजपा-आतिशी
क्षेत्र में अपने कार्यों के बारे में आतिशी ने कहा, 'मैंने पिछले पांच वर्षों से अपने विधानसभा क्षेत्र में अथक परिश्रम किया है। कालकाजी के लोग मेरा परिवार हैं, वे मुझे अपनी बेटी और बहन के रूप में देखते हैं। मैं सिर्फ एक प्रतिनिधि नहीं हूं, मैं उनके जीवन का हिस्सा हूं।' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी गरीब विरोधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा 'झुग्गी विरोधी' और 'गरीब विरोधी' पार्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ हाशिए पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
तुगलकाबाद से 3 बार विधायक रहे हैं बिधूड़ी
आतिशी को इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के रमेश सिंह बिधूड़ी से कड़ी चुनौती मिल सकती है। वह एक अनुभवी राजनीतिक नेता हैं और इस निर्वाचन क्षेत्र में आतिशी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं। दक्षिण दिल्ली से पूर्व सांसद और तुगलकाबाद से तीन बार विधायक रह चुके बिधूड़ी को उनके मजबूत राजनीतिक रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है। उन्होंने 2003, 2008 और 2013 में चुनाव जीते थे। कांग्रेस ने अलका लांबा को इस सीट से उतारा है जो राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
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लांबा 1994 से 2014 तक कांग्रेस में रहीं और फिर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई और 2015 में ‘आप’ के टिकट पर चांदनी चौक से विधायक बनीं। मगर वह फिर से कांग्रेस में वापस आ गईं। दिल्ली में पांच फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा जबकि मतगणना आठ फरवरी को होगी।
