History of Begusarai Seat: गिरिराज सिंह ने भले ही पिछले लोकसभा चुनाव में आसानी से जीत हासिल कर ली थी, लेकिन इस बार बिहार की बेगूसराय सीट का समीकरण बदल चुका है। राजद और सीपीआई एकसाथ चुनाव लड़ रहे हैं, ऐसे में काफी हद तक मुकाबले की तस्वीर बदली-बदली नजर आने वाली है। हालांकि पिछले चुनाव 2019 के आंकड़ों का जिक्र करें तो गिरिराज के लिए ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन बीते कुछ दिनों में जिस तरह सड़कों पर उनका विरोध देखा गया उससे उनकी चिंता में इजााफा होना लाजमी है।
बेगूसराय में गिरिराज सिंह vs अवधेश कुमार राय का मुकाबला।
क्या कहता है बेगूसराय सीट का समीकरण?
भाजपा ने बेगूसराय सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को एक बार फिर मैदान में उतारा है। INDI गठबंधन के तहत बिहार की ये सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के खाते में गई है। लालू की पार्टी राजद, कांग्रेस और सीपीआई यहां एकसाथ चुनाव लड़ रही हैं। वहीं राजद ने अपने कोटे की तीन सीटें मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी को दे दी है। बेगूसराय सीट पर सीपीआई ने अवधेश कुमार राय (यादव) को मैदान में उतारा है। ऐसे में यहां इस बार गिरिराज सिंह बनाम अवधेश कुमार राय का सीधा मुकाबला होना है।
बीजेपी के लिए चिंता है बेगूसराय का इतिहास
बेगूसराय लोकसभा सीट के इतिहास का जिक्र किया जाए, तो भारतीय जनता पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। अब तक इस सीट पर 17 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें सिर्फ दो बार भाजपा के सांसद चुनकर संसद पहुंचे। कांग्रेस ने इस सीट पर कुल 9 बार जीत हासिल की है। जबकि सीपीआई और जनता दल को एक-एक बार जीत नसीब हुई। जदयू को इस सीट पर दो बार जीत मिली, तो वहीं आरजेडी का अब तक इस सीट पर खाता भी नहीं खुल सका है।
बेगूसराय लोकसभा सीट से कब कौन बना सांसद?
| वर्ष | नाम | पार्टी |
| 1952 | मथुरा प्रसाद मिश्रा | कांग्रेस |
| 1957 | मथुरा प्रसाद मिश्रा | कांग्रेस |
| 1962 | मथुरा प्रसाद मिश्रा | कांग्रेस |
| 1967 | योगेंद्र शर्मा | सीपीआई |
| 1971 | श्याम नंदन मिश्रा | कांग्रेस |
| 1977 | श्याम नंदन मिश्रा | जनता पार्टी |
| 1980 | कृष्णा साही | कांग्रेस |
| 1984 | कृष्णा साही | कांग्रेस |
| 1989 | ललित विजय सिंह | जनता दल |
| 1991 | कृष्णा साही | कांग्रेस |
| 1996 | रामेंद्र कुमार | निर्दलीय |
| 1998 | राजो सिंह | कांग्रेस |
| 1999 | राजो सिंह | कांग्रेस |
| 2004 | राजीव रंजन सिंह | जदयू |
| 2009 | मोनाज़िर हसन | जदयू |
| 2014 | भोला सिंह | भाजपा |
| 2019 | गिरिराज सिंह | भाजपा |
2014 के चुनाव में नवादा से जीते थे गिरिराज
लोकसभा चुनाव 2014 में गिरिराज सिंह ने बिहार के नवादा सीट से जीत हासिल की थी और पहली बार सांसद चुने गए थे। इसके बाद उन्हें साल 2017 में मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार के पहली बार मंत्री पद मिला था। उन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेवारी मिली थी। इसके बाद 2019 के चुनाव में उन्हें बेगूसराय से मैदान में उतारा गया और उन्होंने कन्हैया कुमार को हराया था।
गिरिराज सिंह ने बेगूसराय से दाखिल किया नामांकन
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को बेगूसराय से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। गिरिराज सिंह के बेगूसराय से नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी सहित एनडीए के कई नेता उपस्थित रहे। नामांकन पत्र भरने के बाद गिरिराज सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का नारा है विकास, विकास और विकास, विरासत के साथ। उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि नरेंद्र मोदी जाति की राजनीति नहीं करते हैं। टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले लोग ही राष्ट्रवाद के खिलाफ बात करते हैं। वे कहते हैं कि हम परमाणु शस्त्र नहीं रखेंगे। कई ऐसी चीज है, जो टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले लोग करते हैं।
13 मई को चुनाव बेगूसराय सीट पर होना है चुनाव
उन्होंने कहा कि मैंने नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। बेगूसराय में भी 10 सालों में सबका साथ, सबका विकास हुआ है। लेकिन, राष्ट्रवाद का जो विरोध करेगा, वैसे विरोधियों का मत मुझे नहीं चाहिए। बेगूसराय में चौथे चरण के तहत 13 मई को चुनाव होना है। यहां मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच माना जा रहा है। महागठबंधन ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अवधेश कुमार राय को उम्मीदवार बनाया है। पिछले चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी गिरिराज सिंह ने भाकपा के प्रत्याशी कन्हैया कुमार को पराजित किया था।
