Election Commission Releases Voter Data: चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में अबतक 5 चरणों में हुई वोटिंग के दौरान दिए गए मतों का आंकड़ा जारी कर दिया है। विपक्षी पार्टियां लगातार इस बात की मांग कर रही थी कि चुनाव आयोग बताए कि आखिरी कुल वोटों में से कितने वोट डाले गए हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। एक गैर-सरकार संगठन ने याचिका दायर कर मांग की थी कि निर्वाचन आयोग को मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत के आंकड़े अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका को खारिज कर दिया था।
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कल आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि उस पर दिखाए गए भरोसे के बाद आयोग की जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है। चुनावी लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए आयोग ने मतदान परिषद जारी करने के तरीके में थोड़ा सा बदलाव किया है। अब से जारी होने वाले आंकड़े में आयोग की तरफ से किसी भी लोकसभा क्षेत्र के टोटल वोटर्स और डाले गए मतों की संख्या भी दी जायेगी।
चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़े
पहला चरण
1. मतदान प्रतिशत :66.14 फीसदी
2. कुल वोटर्स: 16 करोड़ 63 लाख, 86 हजार 344
3. डाले गए वोट: 11 करोड़ 52 हजार 103
दूसरा चरण
1. वोट प्रतिशत: 66.71
2. कुल वोट: 15 करोड़ 86 लाख 45 हजार 484
3. डाले गए वोट: 10 करोड़ 58 लाख 30 हजार 572
तीसरा चरण
1. मतदान प्रतिशत: 65.68
2. कुल वोट: 17 करोड़ 24 लाख 4 हजार 907
3. मतदान प्रतिशत: 11 करोड़ 32 लाख 34 हजार 676
चौथा चरण
1. मतदान प्रतिशत: 69.16
2. कुल वोट: 17 करोड़ 70 लाख 75 हजार 629
3. डाले गए वोट: 12 करोड़ 24 लाख 69 हजार 319
पांचवा चरण
1. मतदान प्रतिशत: 62.20
2. कुल वोट: 8 करोड़ 95 लाख 67 हजार 973
3. डाले गए वोट: 5 करोड़ 57 लाख 10 हजार 618
कैसे जारी किए जाते हैं मतदान के आंकड़े
- किसी भी सीट पर चुनाव लड़ने वाले कैंडिडेट का नाम तय होने के बाद उस सीट के मतदाताओं की सूची उन्हें सौंपी जाती है।
- हर प्रत्याशी के आधिकारिक एजेंट के पास हर पोलिंग बूथ का फॉर्म 17C होता है। देश भर में 543 लोकसभा सीट है और करीब साढ़े 10 लाख पोलिंग बूथ। यानी कि पूरे लोकसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत का आंकड़ा इन्हीं 10.5 लाख फॉर्म 17C पर दर्ज रहता है।
- हर लोकसभा सीट के प्रत्येक प्रत्याशी के पास फॉर्म 17C मौजूद होता है। चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसे में आंकड़ों में छेड़छाड़ की दूर दूर तक कोई भी आशंका नहीं है।
- कानून के मुताबिक हर कैंडिडेट के एजेंट EVM और फॉर्म 17C को स्ट्रांग रूम में ले जाए जाने तक उसकी निगरानी करते हैं।
- नतीजों के दिन जब EVM में पड़े वोटों की गिनती है उस वक्त कैंडिडेट उनके पास मौजूद फॉर्म 17c को काउंटिंग सेंटर ला सकते हैं और उसका मिलान कर सकते हैं।
मतदान प्रतिशत में छेड़छाड़ की आशंका का सवाल ही नहीं
चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान प्रतिशत के के आंकड़े पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनमें छेड़छाड़ करने की कोई भी आशंका नहीं है। जो राजनीतिक दल इस तरह की आशंकाएं जता रहे हैं वह पूरी तरह निराधार हैं। मतदान प्रतिशत का आंकड़ा फॉर्म 17C में रिकॉर्ड किया जाता है उसी के आधार पर वोटर टर्न आउट की जानकारी आम लोगों और राजनीतिक दलों को दी जाती है।
