Manoj Tiwari vs Kanhaiya Kumar: लोकसभा चुनाव 2024 में राजधानी दिल्ली की दिल्ली उत्तर-पूर्व सीट पर इस बार हर किसी की नजर है। यह सीट इस मायने में अहम है कि यहां भारतीय जनता पार्टी ने मनोज तिवारी को दोबारा टिकट दिया है। बीजेपी ने दिल्ली की बाकी 6 सीटों पर तो अपने उम्मीदवार बदल दिए लेकिन इसी एक सीट पर पुराना उम्मीदवार उतारा है। मनोज तिवारी के सामने जीत का सिलसिला बरकरार रखने की चुनौती है। उनके सामने हैं कांग्रेस के कन्हैया कुमार जो बीजेपी के खिलाफ काफी मुखर रहे हैं। मतगणना के साथ ही रुझान आना शुरू हो गए हैं और मनोज तिवारी ने बड़ी बढ़त ले ली है।
दिल्ली नॉर्थ-ईस्ट चुनाव परिणाम 2024
| उम्मीदवार | पार्टी | जीत-हार |
| मनोज तिवारी | बीजेपी | आगे |
| कन्हैया कुमार | कांग्रेस | पीछे |
आप-कांग्रेस का गठबंधन
भाजपा के खिलाफ दिल्ली में आप-कांग्रेस ने गठबंधन किया है। कांग्रेस ने कन्हैया कुमार पर दांव खेलते हुए उन्हें उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला बीजेपी के मनोज तिवारी से है। समझौते के तहत दिल्ली में कांग्रेस के खाते में तीन लोकसभा सीटें हैं वहीं चार सीटों पर आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ा। क्या नतीजा रहता है, इस पर पूरे देश की निगाहें हैं। नतीजे 4 जून को घोषित हो रहे हैं।
मनोज तिवारी ने लहराया परचम
उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 10 सीटें आती हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भोजपुरी एक्टर व भाजपा नेता मनोज तिवारी ने यहां से जीत हासिल की थी। 2019 चुनाव में भी जीत का सिलसिला बरकरार रखा। 2019 के चुनाव में मनोज तिवारी ने कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित को हराया था। मनोज तिवारी 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी और यहां पर लोकसभा का पहला चुनाव 2009 में हुआ था।
पहली बार जयप्रकाश अग्रवाल जीते
2009 में पहली बार यहां पर लोकसभा का चुनाव हुआ और कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की थी। वह 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। अग्रवाल ने बीजेपी के बीएल शर्मा को हराया था। 2014 के चुनाव में बीजेपी ने यहां से मनोज तिवारी को उतारा। उन्होंने आम आदमी पार्टी के आनंद कुमार को शिकस्त दी। मनोज तिवारी ने 1.5 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2019 के चुनाव में भी मनोज तिवारी ने जीत का परचम लहराया और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित को शिकस्त दी। इस बार उनके सामने कन्हैया कुमार है जिसके कारण मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो गया है।
