Congress Leaders Who Joined BJP: लोकसभा चुनाव 2024 से ऐन पहले कांग्रेस के साथ हुआ उसकी कल्पना शायद उसने सपने में भी नहीं की होगी। उसके कई दिग्गज नेताओं ने यकायक हाथ का साथ छोड़कर कमल थाम लिया। इनमें न सिर्फ भविष्य के युवा चेहरे शामिल हैं, बल्कि अनुभवी नेताओं की भी पूरी जमात है। इनमें से कुछ नेता तो पार्टी का लोकप्रिय चेहरा बन गए थे, लेकिन वे भी रातोंरात पार्टी को अलविदा कह गए। इनकी विदाई ने कांग्रेस की साख को गहरा धक्का पहुंचाया है। 2024 के सियासी समर की चुनावी पटकथा ऐसी होगी, इसकी कल्पना भी सियासी दिग्गजों को नहीं रही होगी। आइए जानते हैं ऐसे ही कांग्रेस नेताओं के बारे में जिन्होंने अपना नया ठिकाना बीजेपी को बनाया है।
कांग्रेस नेताओं ने थामा कमल
गौरव वल्लभ और विजेंदर ने दिया झटका
कांग्रेस को ताजा झटका दिया है प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने जो पार्टी को दिशाहीन बताते हुए इससे अलग हो गए। उन्होंने कहा कि वह सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकते। इस्तीफा दने के अगले ही दिन वह बीजेपी में शामिल हो गए। इसके अलावा बॉक्सर विजेंदर सिंह ने भी अचानक कांग्रेस को अलविदा कह दिया। किसान आंदोलन और कुश्ती महासंघ के खिलाफ पहलवानों का खुलकर साथ देने वाले विजेंदर को तो मथुरा से टिकट भी दिया गया था। लेकिन उन्होंने बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया।
कई दलों के नेता बीजेपी में शामिल
बीजेपी में सिर्फ कांग्रेस नेता ही शामिल नहीं हुए हैं। कई दलों के नेताओं ने हाथों में कमल थाम लिया है। बीजेपी में शामिल होने वालों में 16 कांग्रेस से, आठ भारत राष्ट्र समिति से, दो-दो आम आदमी पार्टी और युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी से और एक-एक बीजू जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, तेलुगु देशम पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय हैं। और ये सिलसिला बदस्तूर जारी है।
इन बड़े चेहरों ने थामा कमल
बीजेपी में शामिल होने वाले कांग्रेस के कुछ प्रमुख नामों में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, किरण कुमार रेड्डी, परनीत कौर, नवीन जिंदल, जितिन प्रसाद, अनिल के एंटनी, रणजीत सिंह चौटाला, गौरव वल्लभ, विजेंदर सिंह, रवनीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा मिलिंद देवड़ा, बाबा सिद्दीकी, संजय निरुपम जैसे नेता भी हैं जिन्होंने कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टियों का दामन थाम लिया या फिर अभी इंतजार में हैं। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं दूसरे दलों के नेताओं ने भी कमल को गले लगाया है। इनमें आप नेता अशोक तंवर, बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब, बीआरएस के बीबी पाटिल, टीएमसी के सौमेंदु अधिकारी, अर्जुन सिंह जैसे नाम शामिल हैं।
अशोक तंवर से लेकर महताब तक
अशोक तंवर ने आम आदमी पार्टी छोड़कर हरियाणा के सिरसा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। वह अतीत में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। बीजेडी में अपने कार्यकाल के दौरान भर्तृहरि महताब लगातार छह बार सांसद रहे। मशहूर कारोबारी नवीन जिंदल भी पाला बदल कर कांग्रेस से बीजेपी में चले गए। 2004 और 2009 के चुनावों में वह सांसद चुने गए थे।
एके एंटनी के बेटे अनिल भी बीजेपी में शामिल
इसके अलावा पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल के एंटनी भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने 2019 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और केरल में कांग्रेस डिजिटल मीडिया सेल के संयोजक थे। इसी तरह प. बंगाल के तमलुक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व टीएमसी सांसद सौमेंदु अधिकारी भी अब बीजेपी में हैं। वह सुवेंदु अधिकारी के भाई हैं, जिन्होंने 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
बीजेपी ने बाहरी लोगों को दिए टिकट
भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 437 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 23 दलबदलू उम्मीदवार थे। इनमें से 13 अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विजेता रहे थे। आठ निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश में, तीन पश्चिम बंगाल में और एक-एक महाराष्ट्र और हरियाणा में थे। बहरहाल, 2024 के लोकसभा चुनावों में 370 सीटें हासिल करने की चाहत में भाजपा ने कई बाहरी लोगों को टिकट दिया है। अब तक वह करीब 34 ऐसे नेताओं को टिकट दे चुकी है। देखना है कि चुनाव नतीजों में उसकी ये रणनीति कितनी कामयाब नजर आती है।
