Shahpur Assembly Election 2025: बिहार के भोजपुर जिले की शाहपुर विधानसभा सीट एक बार फिर सियासी हलचल का केंद्र बनी हुई है। यह सीट आरा लोकसभा क्षेत्र में आती है और इसमें शाहपुर तथा बिहिया प्रखंड शामिल हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में उतर रहे हैं। भाजपा की ओर से राकेश रंजन चुनावी दंगल में हैं, जबकि राजद के मौजूदा विधायक राहुल तिवारी दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, जन स्वराज पार्टी की पद्मा ओझा भी इस मुकाबले में शामिल हैं। शाहपुर सीट पर पहले चरण के तहत 6 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।
शाहपुर विधानसभा चुनाव 2025
धान का कटोरा
शाहपुर को शाहाबाद का “धान का कटोरा” कहा जाता है, क्योंकि यहां की जमीन अत्यंत उपजाऊ है और यह क्षेत्र धान की भरपूर उपज के लिए जाना जाता है। गंगा और सोन नदियों के बीच स्थित यह इलाका जहां खेती के लिए अनुकूल है, वहीं हर साल बाढ़ और कटाव जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना भी करता है। शाहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसा है, जो आरा और बक्सर को आपस में जोड़ता है। यहां से आरा लगभग 30 किलोमीटर, बक्सर करीब 40 किलोमीटर और राज्य की राजधानी पटना करीब 85 किलोमीटर दूर है।
कांग्रेस को पहली बार मिली थी सफलता
धार्मिक दृष्टि से शाहपुर अत्यंत समृद्ध क्षेत्र माना जाता है। यहां स्थित महावीर स्थान और कुंडेश्वर धाम जैसे प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र हैं। बिलौती रोड पर बना मंदिर भी ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसे बाणासुर से संबंधित माना जाता है। इसके अलावा, लकर शाह की मजार भी शाहपुर में विशेष रूप से प्रसिद्ध है। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में शाहपुर लंबे समय तक समाजवादियों का मजबूत गढ़ रहा है। 1952 से 1969 तक बिहार के पूर्व गृह मंत्री रामानंद तिवारी ने लगातार पांच बार इस सीट से जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को पहली बार यहां 1972 में सफलता मिली थी।
तीसरी बार जीत हासिल करने का मौका
साल 2000 और 2005 के विधानसभा चुनावों में राजद उम्मीदवार शिवानंद तिवारी ने शाहपुर सीट पर जीत दर्ज की। इसके बाद भाजपा की मुन्नी देवी ने लगातार दो कार्यकाल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। 2015 में राजद ने फिर से अपनी पकड़ मजबूत की और राहुल तिवारी ने विजय हासिल की। 2020 में भी उन्होंने भाजपा की मुन्नी देवी को पराजित कर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। अब 2025 के चुनाव में राहुल तिवारी के पास लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर हैट्रिक बनाने का अवसर है। शाहपुर विधानसभा में यादव और ब्राह्मण मतदाता चुनावी परिणामों में अहम भूमिका निभाते हैं, जबकि कुर्मी और राजपूत समुदाय का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
(इनपुट - आईएएनएस)
