UPSC CSE 2022 Story of Suraj Tiwari: पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है... ये पंक्तियां मैनपुरी के सूरज तिवारी पर सटीक बैठती हैं। दर्द को अपनी ताकत बना सूरज तिवारी ने जो कारनामा किया है, उसकी प्रशंसा आज देशभर में हो रही है। एक रेल हादसे में दोनों पैर और एक हाथ खो चुके सूरज तिवारी ने यूपीएससी क्रैक कर इतिहास रच दिया है। संघ लोक सेवा आयोग ने 23 मई को सिविल सेवा परीक्षा 2022 (यूपीएससी) का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यूपीएससी द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा की मेरिट लिस्ट में कुल 933 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं।
UPSC CSE 2022 Suraj Tiwari
सूरज तिवारी ने 971वीं रैंक हासिल की
यूपीएससी 2022 में इस बार लड़कियों ने बाजी मारी है। ग्रेटर नोएडा की रहने वाली इशिता किशोर ने ऑल इंडिया लेवल पर टॉप किया है, वहीं प्रथम चार स्थानों पर बेटियों का कब्जा है। सिविल सेवा परीक्षा 2022 में इशिता किशोर ने ऑल इंडिया लेवल पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम में बिहार की रहने वाली गरिमा लोहिया ने दूसरा स्थान पाया है। वहीं तेलंगाना के नारायणपेट के पुलिस अधीक्षक एन. वेंकटेश्वरलू की बेटी उमा हारथी ने UPSC की परीक्षा में तीसरा रैंक हासिल किया है। इस परीक्षा में मैनपुरी जिले के कुरावली तहसील के मोहल्ला घरनाजपुर के रहने वाले सूरज तिवारी ने 971वीं रैंक हासिल की है।
रेल हादसे में खोए पैर और एक हाथ
साल 2017 में वह बीएससी कर रहे थे। 24 जनवरी के दिगा जियाबाद के एक ट्रेन हादसे में उनके घुटनों से दोनों पैर, दाएं हाथे की कोहनी और बाएं हाथ की दो उंगलियां कट गई थीं। इस हादसे के बाद भी उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया और 2021 में जेएनयू से बीए और इसके बाद एमए किया। वह साथ साथ यूपीएएसी की तैयारी करते रहे।
पिता करते हैं दर्जी का काम
सूरज तिवारी ने प्रारंभिक शिक्षा नगर के महर्षि परशुराम स्कूल से की। 2011 में एसबीआरएल इंटर कॉलेज मैनपुरी से दसवीं और 2014 में संपूर्णानंद इंटर कॉलेज अरम सराय बेवर से उत्तीर्ण किया। सूरज के पिता राजेश तिवारी दर्जी का काम करते हैं। जैसे ही मोहल्ला वालों को यह समाचार मिला तो बधाई देने वालों का तांता लग गया।
