ब्रिटेन (United Kingdom) की सरकार ने वर्क वीजा (Work Visa) के नियमों में एक ऐतिहासिक और राहत देने वाले बदलाव किया है। इस बदलाव के अनुसार, ब्रिटेन में काम कर रहे हजारों भारतीय वर्कर और अन्य प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। ब्रिटेन के होम ऑफिस द्वारा जारी नए आदेश के तहत, यदि 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) पर कार्य कर रहे कर्मचारी किसी कंपनी में आधुनिक गुलामी, शोषण या बुरे व्यवहार का शिकार होते हैं, तो वे अब अपने शोषक मालिक को छोड़कर दूसरी जगह नौकरी कर सकेंगे। इस नए फैसले से शोषक कंपनियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। इसके साथ ही बता दें कि अब नौकरी छोड़ने वाले प्रवासी श्रमिकों का वीजा रद्द नहीं होगा।
United Kingdom में वर्क वीजा नियम में बड़ा बदलाव (Photo - AI/Newsroom Verified)
क्या है पुराना नियम
| इमिग्रेशन स्टेट्स रद्द होने का डर | पुराने नियमों के तहत, यदि कोई वर्कर अपनी शोषक कंपनी को छोड़ता था, तो उसका वीजा और इमिग्रेशन स्टेट्स स्वतः निरस्त होने की कगार पर पहुंच जाता था। |
| मजबूरी में सहना पड़ता था शोषण | नौकरी और सैलरी खोने तथा देश से निकाले जाने के डर से प्रवासी कर्मचारी चाहकर भी शोषक एम्प्लॉयर्स के चंगुल से बाहर नहीं निकल पाते थे। |
| आर्थिक तंगी और अनिश्चितता | काम छोड़ने के बाद तत्काल दूसरी जॉब न मिलने पर कर्मचारियों को गंभीर कंगाली और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था। |
कैसे काम करेगा नया वर्क वीजा?
- होम ऑफिस द्वारा औपचारिक रूप से आधुनिक गुलामी या शोषण के शिकार के रूप में पहचाने (NRM व्यवस्था के तहत) गए कर्मचारी अब अपने पुराने स्पॉन्सर से बंधे नहीं रहेंगे।
- नया नियम लागू होने से पीड़ित कर्मचारी की मौजूदा वीजा अवधि के दौरान वीजा रद्द करने की प्रक्रिया पर रोक लग जाएगी।
- पीड़ित वर्कर्स अपने बचे हुए वीजा समय के दौरान ब्रिटेन के भीतर रहकर ही किसी अन्य मान्यता प्राप्त और वैध कंपनी (Licensed Sponsor) में नई नौकरी खोजकर आवेदन कर सकते हैं।
- यह नियम 'स्किल्ड वर्कर रूट' के तहत आने वाले सभी प्रवासियों पर लागू होगा, जिसमें विशेष रूप से केयर वर्कर्स और आईटी/हेल्थकेयर से जुड़े प्रोफेशनल्स शामिल हैं।
प्रवासी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
इस छूट और सुरक्षा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को 'नेशनल रेफरल मैकेनिज्म' के तहत आधिकारिक रूप से आधुनिक गुलामी या मानसिक/आर्थिक शोषण का शिकार चिन्हित करना होना अनिवार्य है। यदि कोई विदेशी वर्कर ब्रिटेन में अपनी कंपनी द्वारा धोखाधड़ी, जबरन श्रम या वेतन कटौती जैसे शोषण का शिकार हो रहा है, तो वह होम ऑफिस की गोपनीय हेल्पलाइन या स्वतंत्र कानूनी सहायता संगठनों से सीधा संपर्क कर सकता है। इस नए नियम के साथ ब्रिटेन होम ऑफिस का आदेश तोड़ने वाले और कर्मचारियों का शोषण करने वाले नियोक्ताओं के 'सस्पेंशन लाइसेंस' रद्द किए जाएंगे और उन पर आधुनिक गुलामी अधिनियम 2015 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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कर्मचारियों को मिली राहत
ब्रिटेन सरकार का यह फैसला विदेशी कर्मचारियों को मानवीय गरिमा और स्वतंत्र आजीविका का अधिकार देता है, जिससे अब भारतीय और अन्य विदेशी पेशेवर एक सुरक्षित माहौल में काम कर सकेंगे।
