Tinu Singh Success Story: बिहार की बिटिया टीनू सिंह ने लहराया सफलता का परचम, पांच दिन में मिली 5 सरकारी नौकरी

Tinu Singh Success Story, Inspiring Story In Hindi: बिहार के जमुई की रहने वाली टीनू सिंह ने एक बार में ना केवल एक दो बल्कि 5 दिन में 5 प्रतियोगी परीक्षाओं को क्वालीफाई किया है। टीनू को पांच सरकारी नौकरी का ऑफर आ गया है। हालांकि ये सफर टीनू के लिए आसान नहीं रहा है। यहां आप उनकी सफलता की कहानी जान सकते हैं।

Tinu Singh Success Story, Inspiring Story In Hindi: अगर इरादे मजबूत हों और कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता मिलना मुश्किल नहीं होता है...ये लाइन बिहार की बिटिया टीनू सिंह पर सटीक (Tinu Singh Success Story) बैठती है। जमुई की रहने वाली टीनू सिंह ने कड़ी मेहनत व संघर्ष के दम पर ना केवल माता पिता के सपनों को साकार किया है बल्कि पूरे राज्य में सफलता का परचम लहरा दिया है।टीनू का बस एक ही सपना था कि उन्हें सरकारी अफसर ((Success Story In Hindi) बनना है। अपने इस सपने को साकार करने के लिए टीनू ने कड़ी मेहनत के दम पर एक ही बार में एक दो नहीं बल्कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं को क्वालीफाई कर इतिहास रच (Success Story For Students) दिया है। टीनू को पांच दिन में पांच नौकरियों का ऑफर आ गया है। हालांकि टीनू का ये सफर आसान नहीं रहा है। आइए जानते हैं बिहार की बिटिया की सफलता की कहानी।

Tinu Singh Success Story, Inspiring Story In Hindi.

Tinu Singh Success Story: बिहार की बिटिया ने रचा इतिहास

Success Story In Hindi: पिता सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर

बता दें टीनू मूलरूप से बिहार के जमुई की रहने वाली हैं। उनके पिता मुन्ना सिंह सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वहीं उनकी माता का नाम पिंकी सिंह, जो कि एक गृहंणी हैं। टीनू ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनकी माता का सेलेक्शन सरकारी शिक्षक के तौर पर हो चुका है, लेकिन परिवार की देखभाल के लिए उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं की थी।

Success Story For Students: पांच दिन में 5 सरकारी नौकरी

टीनू ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सबसे पहले 22 दिसंबर को उनका डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में चयन हुआ। इसके बाद 23 दिसंबर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग के संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) में सहायक प्रशाखा अधिकारी (ASO) के पद पर चयन हुआ। 25 दिसंबर को बीपीएसी 6 से 8वीं तक के शिक्षक के पद पर चयनित हुई, वहीं 26 दिसंबर को बीपीएससी 9वीं और 11वीं के शिक्षक के लिए चयन हुआ।

Tinu Singh Success Story: माता पिता के सपने को किया साकार

टीनू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को दिया है। टीनू के माता पिता हमेशा से चाहते थे कि उनकी बिटिया एक अफसर बने। वहीं आज टीनू ने ना केवल परिवार के सपने को साकार किया बल्कि जमुई जिले का नाम रोशन कर दिया है। साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नजीर पेश की है।

आईएएस बनने का सपना

टीनू ने पांच सरकारी नौकरियों में से सहायक प्रशाखा पदाधिकारी की पोस्ट को स्वीकार किया है, क्योंकि वह हमेशा से एक अधिकारी बनना चाहती है। हालांकि अभी टीनू ने अपने सपनों पर विराम नहीं लगाया है। टीनू ने बताया कि अब उनका सपना आईएएस अधिकार बनना है। वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी।

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