Snow Leopard City : भारत में कई सारे नेशनल पार्क हैं। ये नेशनल पार्क अपने दुर्लभ जीवों के लिए जाना जाता है। जैव विविधता के लिए भी ये इतना ही खास है। मगर क्या आपको पता है कि दुनिया में एक ऐसा भी नेशनल पार्क है, जो हिम तेंदुओं के लिए जाना जाता है। यहां पर 400 से भी ज्यादा हिम तेंदुए पाए जाते हैं। ये बेहद ऊंचाई में स्थित है और यहां पर एक खास नेशनल पार्क मौजूद है। हिम तेंदुओं को देखने के लिए यहां पर देश-विदेश से पर्यटक सालों आते रहते हैं। यहां सिर्फ हिम तेंदुए ही नहीं बल्कि अन्य जानवरों की भी कई सारी दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती हैं। यहां भरल, तिब्बती भेड़िया, यूरेशियाई भूरा भालू, गोल्डन ईगल समेत हिमालयन वल्चर भी खूब पाए जाते हैं।
Hemis National Park
हेमिस नेशनल पार्क
दरअसल हिम तेंदुओं की राजधानी लद्दाख के लेह शहर को कहते हैं। यहां पर एक हेमिस नेशनल पार्क है, जो लद्दाख के लेह में मौजूद है। ये पार्क अपनी बहुत ज्यादा ऊंचाई और जैव विविधता के लिए मशहूर है।
बता दें कि हेमिस नेशनल पार्क कुल 44,00 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके उत्तर में सिंधु नदी बहती है और ये पार्क जांस्कर पर्वतमाला का एक हिस्सा है। समुद्र तल से इस पार्क की ऊचाई 33,00 मीटर से लेकर 6,000 मीटर के बीच की है। पार्क की खास बात ये है कि ये काफी ऊंचाई, गहरी घाटियों के बीच में स्थित है।
Snow Leopard (iStock)
तेंदुओं का गढ़ है हेमिस
मशहूर हेमिस नेशनल पार्क हिम तेंदुओं के लिए जाना जाता है। हिम तेंदुओं की सबसे ज्यादा संख्या इसी पार्क में मौजूद है। खाने की तलाश में वे जब भी तलहटी में आते हैं तो लोगों को अकसर दिख जाते हैं। इस नेशनल पार्क में कई सारी दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती हैं। यहां भरल, तिब्बती भेड़िया, यूरेशियाई भूरा भालू, गोल्डन ईगल समेत हिमालयन वल्चर भी खूब पाए जाते हैं।
बेहद दुर्लभ है ये प्रजाति
बता दें कि मध्य और दक्षिण एशिया के ऊंचे, ठंडे और पथरीले पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक दुर्लभ प्रजाति है। इसे बड़ी बिल्ली भी कहते हैं। कई जगहों पर तो इन्हें अकसर कैमोफ्लाज और अकेले रहने वाले नेचर के चलते पहाड़ों का भूत भी कहा जाता है।
स्नो लेपर्ड (पैंथेरा उनसिया) एक बड़ी छिपकर भागने वाली बिल्ली है जो सेंट्रल और साउथ एशिया के ऊंचे पहाड़ों की रेंज में पाई जाती है। मोटे ग्रे और सफेद धब्बों वाले फर, बैलेंस के लिए लंबी पूंछ और बर्फ पर चलने के लिए चौड़े पंजों के लिए जाने जाने वाले ये जानवर चट्टानी, ठंडे अल्पाइन माहौल में रहने के लिए बने होते हैं।
