रूस यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से वहां फंसे भारत देश के 20 हजार ऐसे छात्र हैं, जो भारत में पढ़ाई पूरी करने की इजाजत मांग रहे हैं। ऐसे में मामला सुप्रीम कोर्ट में है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट में आज मामले की सुनवाई टल गई है लेकिन सुप्रीम कोर्ट 6 हफ्ते बाद मामले में सुनवाई फिर से करेगा।
भारत वापस आए 20 हजार मेडिकल छात्र पूरी कर सकेंगे पढ़ाई?
90 प्रतिशत मेडिकल के छात्र
सुप्रीम कोर्ट में आज मामले की सुनवाई टल गई है, लेकिन इस निर्णय का इंतजार 20000 छात्र ही नहीं बल्कि लाखों लोग कर रहे हैं, क्योंकि इन बच्चों के परिवार के लोगों की भी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिकीं हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 20000 छात्रों में से 90 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
केंद्र सरकार की तरफ से ASG ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने मामले में समिति का गठन किया गया है, कमेटी को छात्रों पर फैसला लेने में कुछ समय लगेगा।
20000 छात्रों का करियर लगा दांप पर
ASG ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई 6 हफ्ते टालने की मांग की यानी आज से करीब डेढ़ माह, इसके बाद फिर से सुनवाई होगी और जल्द ही सबसे सामने निर्णायक फैसला होगा। बहरहाल, यह एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि यह 20000 छत्रों के करियर से जुड़ा हुआ है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने कहा मामले में कमेटी बनाई गई है, हम विशेषज्ञ नहीं हैं, विशेषज्ञों को फैसला लेने दें, वह तय करेंगे कि किन छात्रों को इजाजत देनी है। छात्रों के वकील ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य का मामला, कम से कम कोर्ट को पहले और दूसरे साल के छात्रों पर फैसला लेना चहिये, यह जंग के पीड़ित हैं।
