Odisha Teachers Recruitment 2026: शिक्षक बनने का सपना संजोए बैठे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को घोषणा की कि अगले तीन सालों में राज्य भर में शिक्षकों के 45,000 खाली पदों को भरा जाएगा। इसकी घोषणा उन्होंने कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए की। माझी ने छात्रों से सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करने और पढ़ाई व करियर की तैयारी पर ध्यान देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ़ ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों और उनके भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाती है।
Odisha Teachers Recruitment 2026: इस राज्य में अगले तीन साल में 45000 शिक्षकों की होगी भर्ती
बता दें ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन सालों में स्कूलों में शिक्षकों के 45,000 खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। राजनीति में आने से पहले शिक्षक के तौर पर काम कर चुके माझी ने अपनी यात्रा के दौरान छात्रों से बातचीत भी की। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया का ज़्यादा इस्तेमाल न करें और इसके बजाय पढ़ाई और अपना करियर बनाने पर ज्यादा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी पढ़ाई लिखाई से जुड़ी क्षमताएं मजबूत करें और अपने व्यक्तिगत विकास के साथ साथ देश के विकास में भी योगदान दें।
KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना
माझी ने ओडिशा सरकार की ओर से शुरू की जा रही शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ओडिशा KG से PG तक मुफ्त शिक्षा योजना शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है, जिसका मकसद किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट लेवल तक मुफ्त शिक्षा देना है।
12 हजार करोड़ रुपये से 2,200 मॉडल प्राथमिक स्कूल होंगे विकसित
उन्होंने बताया कि सरकार लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,200 'गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालयों' को वर्ल्ड-क्लास मॉडल प्राइमरी स्कूलों के तौर पर विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्री स्कूल उम्र के बच्चों को शिक्षा और देखभाल देने के लिए 45,000 नर्सरी स्कूल भी खोले गए हैं। राज्य सरकार ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मिड-डे मील और पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया है।
आदिवासी छात्रों के लिए ‘शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना
एक और पहल, 'शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना', का मकसद आदिवासी छात्रों की मदद करना और स्कूल छोड़ने वालों की संख्या को कम करना है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को सम्मानित भी किया और शिक्षा तथा छात्रों के विकास में उनके योगदान को सराहा।
इनपुट- PTI
