Odisha Book Controversy: ओडिशा में इन दिनों पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक की स्कूली किताबों में हुई गंभीर गलतियों को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। इन किताबों में महान वैज्ञानिक सर आइज़क न्यूटन को एक 'पायलट' के रूप में दर्शाया गया है। किए जा रहे दावों के मुताबिक, इन नई किताबों में एक या दो गलतियां नहीं है, बल्कि गलतियों की भरमार (Odisha Textbook Errors) है। दावों के अुसार, किताब में 1600 से भी अधिक गलियां सामने आई हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई करते हुए 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया है।
Odisha Book Controversy (Photo - AI)
मुख्यमंत्री ने की बड़ी कार्रवाई
ओडिशा की स्कूल की किताबों में हुई गलतियों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का आदेश दिया है। इसके साथ ही सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 'स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग' (SCERT) के पूर्व निदेशक मनोज पाधी सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही तीन सहायक निदेशकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - UPTET 2026: यूपीटीईटी परीक्षा में पहली बार लागू होगा नॉर्मलाइजेशन का नियम, जानें क्या होगा छात्रों पर इसका असर
मंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की उठी मांग
किताब में न्यूटन को पायलट बताने और अन्य गलतियों को देखते हुए सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) सरकार को सवालों के घेरे में लिया। बीजेडी ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इतना ही नहीं, बीजेडी युवा शाखा के अध्यक्ष चिन्मय साहू ने दावा किया कि किताब में हुई 1,768 से अधिक गलतियों और इनके प्रकाशन में खर्च हुए 380 करोड़ रुपये कोई मामूली बात नहीं है, यह एक बड़ा भ्रष्टाचार है। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले के लिए सीबीआई की जांच की मांग की है।
विपक्ष ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
किताब में हुई बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए बीजेडी छात्र विंग की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस बीच कांग्रेस के नेता यासिर नवाज ने मांग की है कि किताबों की गलतियों के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों की जेब से होनी चाहिए।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - यूपी में 1 जुलाई से शुरू होगा 'School Chalo Abhiyan' का दूसरा फेज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी 'पाती'
विपक्ष की मांगों पर बीजेपी का पलटवार
मामले को लेकर उठ रही विपक्ष की इन मांगों और आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनमोहन सामल ने कहा कि सरकार इस मामले में पहले से ही मुस्तैद है और त्वरित कार्रवाई कर रही है। सरकार द्वारा पहले ही चार अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इसके साथ ही छह अन्य के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सांसद मनमोहन सामल ने विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग को पूरी तरह से गैर-जरूरी बताते हुए खारिज कर दिया है।
