Ncert New Vocal for Local Module: छात्रों के लिए अपने क्षेत्र की पहचान और स्थानीय उत्पादों की समझ और इनकी वेल्यू होना बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हाल ही में एनसीईआरटी ने वोकल फॉर लोकल का एक नया मॉड्यूल जारी किया है, जो कि बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। इस मॉड्यूल के जरिये बच्चों को स्थानीय उत्पादों की समझ मिलेगी और साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में योगदान का भी पता चलेगा। इस मॉडल का मकसद छात्रों में आर्थिक समझ बढ़ाना और उन्हें विदेशी विकल्पों के बजाय भारतीय विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार करना है।
देश की प्रगति में होगा योगदान
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने छात्रों के लिए एक नया 'स्वदेशी' शिक्षण मॉड्यूल शुरू किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व को समझाना और उन्हें देश की प्रगति में योगदान के लिए प्रेरित करना।
बढ़ते टैरिफ के बीच स्वदेश की ओर बढ़ते कदम
जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ बढ़ा रहे हैं और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है, ऐसे समय में NCERT ने ‘स्वदेशी मॉडल’ लॉन्च किया है। और ये पहल आत्मनिर्भर भारत की सोच से जुड़ी है और छात्रों को स्वदेशी उत्पादों, परंपराओं और स्थानीय संसाधनों की ओर प्रेरित करने के लिए बनाई गई है। इस मॉडल का मकसद छात्रों में आर्थिक समझ बढ़ाना और उन्हें विदेशी विकल्पों के बजाय भारतीय विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार करना है।
इस मॉड्यूल में बताया गया है कि स्वदेशी केवल भारत में बने उत्पादों के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीयों की सृजनात्मकता, नवाचार और क्षमता पर विश्वास रखने की भावना है। इसमें 1905 के बंगाल विभाजन के दौरान हुए स्वदेशी आंदोलन की चर्चा की गई है, जब भारतीयों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर देसी उत्पादों को अपनाया था।
NCERT का यह मॉड्यूल आधुनिक अभियानों जैसे 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' से भी छात्रों को जोड़ता है। इसमें बताया गया है कि किस तरह से ये कार्यक्रम देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।
क्या है उद्देश्य?
प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, प्रोफेशनलों और युवाओं से अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने घरेलू पेटेंट्स, सस्ती दवाओं और रक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार को जरूरी बताया है। ये नया मॉड्यूल न केवल इतिहास से छात्रों को जोड़ता है बल्कि उन्हें आज के भारत की चुनौतियों और संभावनाओं से भी परिचित कराता है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सक्रिय योगदान दे सकें।
एनसीईआरटी के नए मॉडल की खास बातें
- इसका उद्देश्य छात्रों में आत्मनिर्भरता और वोकल फॉर लोकल की भावना बढ़ाना है।
- इसमें स्वदेशी आंदोलन का इतिहास और गांधी, तिलक जैसे विचारकों के विचार शामिल हैं।
- छात्रों को भारतीय सामान, ब्रांड और ऐप्स अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है।
- अमूल, इसरो, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी सफल कहानियों का जिक्र है।
- विदेशी वस्तुओं की निर्भरता कम करने और स्थानीय उत्पादों का समर्थन करने की बात कही गई है।
- रणनीतिक स्वायत्तता और टेक्नोलॉजी पर नियंत्रण की ज़रूरत को समझाया गया है।
- सरकार भी अब Zoho Office Suite जैसे देसी सॉफ्टवेयर अपना रही है।
