UP TGT Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी पद के लिए आवेदन करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को स्नातक स्तर पर न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता से छूट दी है। नई व्यवस्था के तहत वर्ष 2011 से पहले संबंधित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे, भले ही उनके स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक या परास्नातक में 45 प्रतिशत से कम अंक हों। यानी इन अभ्यर्थियों पर न्यूनतम अंकों की बाध्यता लागू नहीं होगी।
यूपी टीजीटी भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत
टीजीटी यानी सहायक अध्यापक या प्रशिक्षित स्नातक के पदों के लिए सामान्य तौर पर शैक्षिक योग्यता से जुड़े नियम लागू होते हैं। हालांकि, आयोग ने ऐसे अभ्यर्थियों को राहत देने का फैसला किया है, जिन्होंने 29 जुलाई 2011 से पहले स्नातक, प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक या समकक्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था।
टीजीटी भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले भर्ती विज्ञापन में दी गई सभी शैक्षिक योग्यताओं और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। आयोग की ओर से स्पष्ट की गई यह छूट केवल निर्धारित अवधि और संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए ही लागू होगी। ऐसे में वर्ष 2011 से पहले स्नातक या प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े संबंधित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों के लिए टीजीटी भर्ती में आवेदन का रास्ता आसान हो सकता है।
आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार, यह छूट यूपी बोर्ड की ओर से 22 अक्टूबर 2022 को जारी एक विज्ञप्ति के आधार पर दी गई है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है, जो पुराने नियमों के तहत अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं लेकिन न्यूनतम अंकों की शर्त के कारण टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन करने को लेकर असमंजस में थे।
