NMMS Scholarship 2026-27: सरकारी स्कूलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि, जिसे पढ़ना होता है वह किसी भी स्थिति में पढ़ लेता है। जिसमें कुछ कर दिखाने की इच्छा होती, है वह स्थिति में अपने सपने को पूरा करने का प्रयास करता है। यह सब सच साबित हुआ जब राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा 2026-27 के परिणामों की घोषणा हुई। 9 नवंबर 2025 में आयोजित हुई इस परीक्षा में कानपुर शहर के 326 बच्चों ने सफलता हासिल की है। इसमें कंपोजिट परिषदीय विद्यालय परौली नवोदा की मेधावी छात्रा 'छवि सिंह' ने टॉप किया है। इस परीक्षा में पास होकर सरकारी स्कूलों के बच्चों ने एक बार फिर यह साबित किया की प्रतिभा और शिक्षा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। अगर आपमें कुछ करने की और कुछ पाने की इच्छा दृंढ़ है, तो रास्ता कितना भी कठिन हो, आप मंजिल तक पहुंच ही जाएंगे।
छात्रा छवि सिंह ने जिले में किया टॉप (Photo- Canav)
छवि ने जिले में लहराया सफलता का परचम
छवि के स्कॉलरशिप परीक्षा में सफलता हासिल करने से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है बल्कि उनके स्कूल में हर्ष की लहर दौड़ गई है। बता दें कि छवि कानपुर में स्थित कंपोजिट परिषदीय विद्यालय नेवादा की छात्रा हैं। एनएमएमएस स्कॉलरशिप परीक्षा पास करने से उन्हें अब 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा यानी 4 साल तक प्रति माह 1 हजार रुपये दिए जाएंगे।
स्कॉलरशिप से मिली आर्थिक सहायता
एनएमएमएस स्कॉलरशिप परीक्षा पास करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है। मेधावी छात्रों के लिए यह किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं है। बता दें कि एनएमएमएस स्कॉलरशिप खासकर उन छात्रों के लिए है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से कम है। उन छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक सहायता देने का सरकार का प्रयास है। एनएमएमएस स्कॉलरशिप परीक्षा का आयोजन 8वीं क्लास के मेधावी छात्रों के लिए किया जाता है। इस परीक्षा में छात्रों से मानसिक योग्यता और शैक्षिक योग्यता से संबंधित 180 प्रश्न पूछे जाते हैं।
48 हजार रुपये की स्कॉलरशिप
बता दें कि इस स्कॉलरशिप परीक्षा में सफल हुए छात्रों को प्रति माह एक हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है, जिससे वह अपनी किताबे आदि के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 9वीं से 12वीं कक्षा तक यानी 4 साल तक प्रति माह पैसे दिए जाते हैं, यानी छात्रों को कुल 48 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है।
पूरे मंडल में दिखा कानपुर का दबदबा
बात करें मंडल स्तर पर तो कानपुर का दबदबा अधिक देखने को मिला है। कानपुर मंडल की कुल 1084 सीटों में 1063 सीटों पर छात्रों ने अपना कब्जा जमाया है। इसमें कानपुर नगर के बच्चे सबसे आगे रहे हैं।
| कानपुर नगर | 326 |
| इटावा | 159 |
| कानपुर देहात | 157 |
| फर्रुखाबाद | 145 |
| औरैया | 144 |
| कन्नौज | 132 |
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के लिए कुल 15,143 सीटों निर्धारित थी, जिसमें से इस बार 14,925 छात्रों ने सफलता हासिल की है। छात्रों कि इस सफलता पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने सभी सफल मेधावियों और उन्हें तराशने वाले शिक्षकों को बधाई दी।
