Success Story: गैरेज में रहकर की पढ़ाई, नहीं मिली नौकरी तो MCA पास जॉयदीप ने ऐसे तलाशी मंजिल

Joydeep Dutta Success story: पश्चिम बंगाल के छोटे से शहर माणबाजार के रहने वाले जॉयदीप दत्ता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाली है जो नौकरी को ही सबकुछ मानते हैं। बदलते भारत में तमाम युवा अपने पैरों पर खड़े होकर उदाहरण पेश कर रहे हैं और जॉयदीप उन्हीं में से एक हैं।

Joydeep Dutta Success story: पश्चिम बंगाल के छोटे से शहर माणबाजार के रहने वाले जॉयदीप दत्ता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाली है जो नौकरी को ही सबकुछ मानते हैं। बदलते भारत में तमाम युवा अपने पैरों पर खड़े होकर उदाहरण पेश कर रहे हैं और जॉयदीप उन्हीं में से एक हैं। 1991 में जन्मे जॉयदीप ने 10वीं और 12वीं की शिक्षा Manbazar Radha Madhab Institution से पूरी की। 12वीं में उन्हें 58.89% अंक हासिल हुए जिसकी वजह से उन्हें बीसीए के लिए मनचाहा कॉलेज नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने Asansol Bidhan Chandra College से बीसीए की डिग्री ली।

Joydeep Dutta

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लाइफ में झेला रिजेक्शन

एमसीए के लिए उन्होंने JECA Exam दिया, लेकिन रिजल्ट मनमुताबिक नहीं आया। पढ़ाई के दौरान संसाधनों की कमी थी। महज 400 रुपये किराए के गैरेज में रहकर उन्होंने MCA की तैयारी की और एमसीए पूरा किया। MCA के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश में 50 से ज्यादा कंपनियों में अप्लाई किया, लेकिन कई जगह से इंटरव्यू तक का कॉल नहीं आया। कैपजेमिनी के ऑफ-कैंपस में उन्होंने 90% स्कोर किया, लेकिन कम्युनिकेशन स्किल के कारण रिजेक्शन मिला।

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