क्या घट रहा इंजीनियरिंग का क्रेज, एक लाख से ज्यादा सीटें खाली, तमिलनाडु के 23 कॉलेजों में एक भी दाखिला नहीं

एक समय बीटेक करके इंजीनियर बनना हर चौथे युवा का सपना होता था लेकिन अब जो तस्वीर सामने आई है वो चौंकाने वाली है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु के 23 कॉलेजों में एक भी दाखिला नहीं हुआ है। पूरे राज्य में एक लाख से ज्यादा सीटें खाली हैं।

एक समय बीटेक करके इंजीनियर बनना हर चौथे युवा का सपना होता था लेकिन अब जो तस्वीर सामने आई है वो चौंकाने वाली है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु के 23 कॉलेजों में एक भी दाखिला नहीं हुआ है। पूरे राज्य में एक लाख से ज्यादा सीटें खाली हैं। सवाल ये है कि क्या इंजीनियरिंग का क्रेज कम हो रहा है और अगर हां तो इसके क्या कारण हैं? AICTE के आंकड़े बताते हैं कि बीते 5 सालों (2019 से 2024) के दौरान देशभर में इंजीनियरिंग की 19 लाख से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। इस दौरान करीब 64.9 लाख सीटों पर एडमिशन का मौका था, लेकिन केवल 45.5 लाख एडमिशन ही हो पाए।

क्या घट रहा है बीटेक का क्रेज?

क्या घट रहा है बीटेक का क्रेज?

2026 की इंजीनियरिंग एडमिशन प्रक्रिया के दो राउंड पूरे होने के बाद राज्य के 23 इंजीनियरिंग कॉलेजों में एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया है। वहीं 167 कॉलेज ऐसे हैं, जहां 90 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली हैं। इंजीनियरिंग को लंबे समय से भारत में बेहतर करियर और नौकरी की गारंटी से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन अब तमिलनाडु से सामने आए आंकड़े इस धारणा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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