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IGNOU: क्या नहीं मान्य होंगी इग्नू की डिग्रियां, जानें UGC NET, JRF के नए नियमों के बारे में

IGNOU से जुड़े हेल्थकेयर की पढ़ाई करने वाले छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। IGNOU का डिस्टेंस लर्निंग मोड में कुछ कोर्सेज के दाखिले की प्रक्रिया को चालू रखना छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। चलिये जानते हैं कि कैसे इग्नू के कुछ कोर्सेज के लिए डिस्टेंस लर्निंग में कराए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और कैसे ये छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है...

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IGNOU Degree : IGNOU में हेल्थकेयर से जुड़े पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने वाले हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। Indira Gandhi National Open University ने ऐसे हेल्थकेयर से जुड़े कोर्सेज में एडमिशन प्रोसेस को जारी रखा है, जो पहले ही डिस्टेंस मोड में बैन हो चुके हैं। इग्नू ने इस साल अपने एमए साइकोलॉजी प्रोग्राम के लिए करीब 17,000 नए एडमिशन खोले हैं। ये कदम तब उठाया गया है, जब University grand Commission ने साफतौर से उन क्लासेज में एडमिशन रोकने के निर्देश दिए थे, जिनमें अनिवार्य क्लीनिकल और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की जरूरत होती है।

Ignou

हालांकि यूनिवर्सिटी अपने एडमिशन प्रॉस्पेक्टस में एक डिस्क्लेमर को सेफगार्ड के तौर पर बताती है, लेकिन रेगुलेटरी झगड़े से स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन और हायर रिसर्च के मौकों से डिसक्वालिफाई करने का खतरा है, जिससे पहले से एनरोल स्टूडेंट्स के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी और वे एडमिनिस्ट्रेटिव अनसर्टेनिटी की स्थिति में रह जाएंगे।

यूजीसी की गाइडलाइन की बात करें तो ऐसे कोर्सेज, जिन्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और फील्ड वर्क की जरूरत है, उन्हें सिर्फ रेगुलर मोड में ही संचालित किया जा सकता है। इसके बावजूद IGNOU का डिस्टेंस लर्निंग मोड में इन कोर्सेज के दाखिले की प्रक्रिया को चालू रखना छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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