ICSE Result 2024: करंट की वजह से खो दिया था सीधा हाथ, एक हाथ से मुंबई की अनामता ने ICSE में लहराया परचम- मिले 92% मार्क्स

ICSE Result 2024, ICSE 10th Toppers List: हाल ही में आईसीएसई 10वीं 12वीं का रिजल्ट जारी हुआ है। 10वीं की परीक्षा में मुंबई की 15 साल की अनामता ने 92 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। बता दें अनामता ने ठीक दो वर्ष पहले यानी 13 वर्ष की आयु में करंट लगने से अपना दाहिना हाथ खो दिया था।

ICSE Result 2024, ICSE 10th Toppers List: कहते हैं न कि इरादे मजबूत हों तो रास्ते में कितनी भी बाधाएं क्यों ना आ जाएं आपको सफल होने से नहीं रोक सकता। यह लाइन मुंबई की 15 साल की अनामता पर सटीक बैठती है। बता दें हाल ही में काउंसिल ऑफ द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने आईसीएसई 10वीं 12वीं का रिजल्ट घोषित (ICSE Result 10th 12th Result) किया है। जिसमें मुंबई की अनामता ने 92 फीसदी मार्क्स प्राप्त किए हैं। अनामता ने लगभग दो साल पहले महज 13 वर्ष की उम्र में 11 केवी केबल करंट से अपना दाहिना हाथ खो दिया था और बायां हाथ भी मुश्किल से 20 पर्सेंट काम करता था। लेकिन हिम्मत हारने के बजाए अनामता अपने मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ी और 10वीं में 92 प्रतिशत अंकों के साथ बेस्ट 5 में अपना परचम लहराया है। इतना ही नहीं अनामता ने हिंदी में 98 मार्क्स प्राप्त किए हैं। हालांकि यह सफर उनके लिए आसान नहीं था। इसके लिए उन्हें कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ा।

ICSE Result 2024, ICSE Toppers 2024.

ICSE Result 2024: मुंबई की अनामता अमहमद बनी लाखों स्टूडेंट की प्रेरणा

एक हाथ से लिख रच दिया इतिहास

टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में अनामता ने बताया कि, वह अलीगढ़ अपने कजन के यहां गई थी। यहां खेलते वक्त करीब 11 केवी से करेंट लगने से उनके दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्होंने अपना सीधा हाथ हमेशा हमेशा के लिए खो दिया और उल्टा हाथ भी 20 पर्सेंट काम कर रहा था। वह 50 दिनों से अधिक समय तक बिस्तर पर रही।

इस दौरान अनामता को अत्यधिक पीड़ा से गुजरना पड़ा। डॉक्टर ने उन्हें एक साल के लिए पढ़ाई से ब्रेक लेने के लिए कहा, लेकिन अनामता ने हार नहीं मानी वह किसी भी हाल में पढ़ाई से ब्रेक लेना नहीं चाहती थी। वह लगातार उल्टे हाथ से लिखने का प्रयास करने लगी और आज अनामता ने 10वीं में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ना केवल अपने माता पिता व स्कूल का नाम रोशन किया है बल्कि वह लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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