न दरिया है न किनारा, फिर कैसे पड़ा किताबों के लिए मशहूर दिल्ली के 'दरियागंज' इलाके के नाम?

दिल्ली में कई इलाके हैं, जिनका नाम बहुत अलग सा है जैसे दरियागंज। यहां न कोई दरिया है और न कोई किनारा, तो कैसे इस स्थान का नाम दरियागंज पड़ा। आइए आपको दिल्ली की प्रसिद्ध बुक मार्केट दरियागंज के नाम की दिलचस्प कहानी के बारे में बताएं।

दिल्ली केवल एक नाम नहीं है, एक अहसास है। यह हम नहीं, बल्कि हर दिल्लीवासी कहता है। दिल्ली का खाना हो या दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतें, हर स्थान की अपनी एक कहानी है। उसी तरह से दिल्ली का दरियागंज इलाक... वो बाजार है, जो पुरानी और सस्ती किताबों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। किताबों के शौकीनों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है। दूर-दूर से लोग यहां बुक लेने पहुंचते हैं।

How did Delhi Daryaganj Gets its Name

कैसे पड़ा किताबों के लिए मशहूर दिल्ली के 'दरियागंज' इलाके के नाम

लेकिन इस स्थान की यात्रा के दौरान आपने कभी सोचा इस नाम की कहानी क्या है? क्या यहां हमेशा से बुक मार्केट थी? दरियागंज किताबों के लिए कैसे प्रसिद्ध हुआ? लेकिन इस सबसे पहले सवाल यह है कि जब यहां कोई दरिया नहीं है और न ही कोई किनारा है, तो इस इलाके के नाम दरियागंज कैसे पड़ा? आइए आज दिल्ली की कहानी में आपको दरियागंज के नाम की कहानी बताएं।

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