63 की उम्र में YouTube पर पढ़ा रहीं साइंस, 12 किताबें लिखीं, अब राष्ट्रपति से मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

उम्र के इस पड़ाव पर जहां कई लोग आराम की जिंदगी चुन लेते हैं, वहीं गाजियाबाद की 63 वर्षीय शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी आज भी बच्चों को विज्ञान पढ़ाने के नए-नए तरीके तलाश रही हैं।

उम्र के इस पड़ाव पर जहां कई लोग आराम की जिंदगी चुन लेते हैं, वहीं गाजियाबाद की 63 वर्षीय शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी आज भी बच्चों को विज्ञान पढ़ाने के नए-नए तरीके तलाश रही हैं। डॉ. रेनू त्रिपाठी ने वर्ष 1987 में अपने करियर की शुरुआत की थी। विज्ञान विषय की शिक्षिका के तौर पर उन्होंने लंबे समय तक पारंपरिक कक्षा शिक्षण के साथ काम किया, लेकिन समय के साथ खुद को तकनीक से जोड़ा। उनकी मेहनत, नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। डॉ. रेनू त्रिपाठी को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है।

डॉ रेणु त्रिपाठी को राष्ट्रपति से मिलेगा नेशनल टीचर्स अवॉर्ड

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वर्तमान में वह गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विज्ञान पढ़ाती हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान करीब 26 वर्षों का है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित करेंगी। इस वर्ष देशभर से 48 शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। उत्तर प्रदेश से रेनू त्रिपाठी समेत तीन शिक्षकों को इस सम्मान के लिए चुना गया है।

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