NEET-PA 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित नीट यूजी परीक्षा पास करने के बाद डॉक्टर बनते हैं। यह परीक्षा 12वीं कक्षा के बाद आयोजित की जाती है लेकिन अगर आप 10वीं के बाद डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं और आयुर्वेद के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट- प्री आयुर्वेद (NEET-PA) की शुरुआत की है। यह देश का पहला ऐसा तरीका है, जिसके जरिए छात्र 10वीं के बाद सीधे प्री-आयुर्वेद कोर्स में एडमिशन लेकर आगे चलकर BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई कर सकेंगे।
10वीं के बाद बन सकते हैं डॉक्टर?
NEET PA में कैसे मिलेगा एडमिशन
इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए उम्मीदवारों को NEET-PA परीक्षा पास करनी होगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा संस्कृत बोर्ड के छात्र भी आवेदन कर सकेंगे।
कितनी चाहिए आयु
इस कोर्स में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है। एडमिशन की बात करें तो विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. पवन कुमार के अनुसार, नीट-पीए के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होगा। परीक्षा अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। अंतिम कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा।
कैसे होगा नीट पीए एग्जाम
नीट- पीए परीक्षा ऑफलाइन मोड में यानी ओएमआर शीट पर होगी। परीक्षा के लिए 150 मिनट (ढाई घंटे) का समय मिलेगा, जिसमें 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। हर प्रश्न 1 अंक का होगा और इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्रश्नपत्र संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) से अनुमोदित है और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध आयुर्वेद गुरुकुलों में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा और आधुनिक आयुर्वेद चिकित्सा को एक साथ जोड़ना है।
