CBSE Revaluation and Rechecking window facing Payment Failures error issue: सीबीएसई की रीचेकिंग और री-इवेल्यूएशन प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बोर्ड ने छात्रों के लिए रीचेकिंग और उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच का लिंक जारी तो कर दिया, लेकिन आवेदन शुरू होते ही कई छात्रों और अभिभावकों ने तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें करनी शुरू कर दीं। देर रात तक सोशल मीडिया पर छात्रों के पोस्ट सामने आते रहे, जिनमें दावा किया गया कि पेमेंट होने के बावजूद पोर्टल पर “एरर” मैसेज दिखाई दे रहा है और आवेदन का कोई कंफर्मेशन नहीं मिल पा रहा है।
CBSE Payment Failure: सामने आईं पेमेंट फेल होने की शिकायतें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई छात्रों ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि लंबे इंतजार के बाद जब पेमेंट पूरा हुआ, तब भी पोर्टल “सेशन एक्सपायर” या “टेक्निकल एरर” दिखा रहा था। हालांकि सीबीएसई की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तकनीकी टीम लगातार पोर्टल की दिक्कतों को ठीक करने में जुटी हुई है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और कुछ समय बाद दोबारा प्रयास करें।
छात्रों का कहना है कि फीस जमा होने के बाद भी आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बैंक खाते से पैसे कट गए, लेकिन पोर्टल पर न तो आवेदन सफल दिखा रहा है और न ही कोई रसीद डाउनलोड हो पा रही है। इससे छात्रों और पैरेंट्स में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि रीचेकिंग और री-इवेल्यूएशन के लिए समय सीमा भी तय की गई है।
इस बीच कई अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जब लाखों छात्र रीचेकिंग के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो बोर्ड को पहले से मजबूत तकनीकी व्यवस्था करनी चाहिए थी। छात्रों का कहना है कि पहले नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग स्कीम को लेकर विवाद हुआ और अब री-इवेल्यूएशन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि जिन छात्रों का पेमेंट फेल हुआ है या कंफर्मेशन नहीं मिला है, उनके लिए अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि किसी भी छात्र का आवेदन तकनीकी कारणों से छूट न जाए।
