OSM पर उठे सवालों के बीच CBSE का बड़ा दावा, हर कॉपी की हुई निष्पक्ष जांच, सुरक्षा खामी या डेटा लीक का सवाल नहीं

CBSE OSM System: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन ने ओएसएम प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इसे पूरी तरह विश्वसनीय और पारदर्शी बताया है। बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 18,57,517 पंजीकृत उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन OSM प्रणाली के माध्यम से किया गया।

CBSE OSM System: ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) ने इसे पूरी तरह विश्वसनीय और पारदर्शी बताया है। CBSE ने दावा किया है कि उसका OSM यानी On-Screen Marking सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर काम करता है। बोर्ड के मुताबिक अब तक मूल्यांकन पोर्टल में किसी तरह की सुरक्षा खामी या डेटा लीक की शिकायत सामने नहीं आई है। CBSE का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसे टेस्ट व सर्टिफाइड भी किया गया है। बोर्ड ने यह भी कहा कि छात्रों की कॉपियों की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग कई स्तर की क्वालिटी चेक प्रक्रिया से गुजरती है। CBSE ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है।

OSM पर उठे सवालों के बीच CBSE का बड़ा दावा

OSM पर उठे सवालों के बीच CBSE का बड़ा दावा

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया। मूल्यांकनकर्ताओं को यह अधिकार दिया गया था कि यदि किसी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी स्पष्ट नहीं दिखाई देती है या उसकी गुणवत्ता खराब है, तो वे उसे टिप्पणी सहित तुरंत अस्वीकार कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित उत्तर पुस्तिका की दोबारा स्कैनिंग फिर से मूल्यांकन के लिए भेजा गया। बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 18,57,517 पंजीकृत उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन OSM प्रणाली के माध्यम से किया गया। इसके तहत लगभग 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल रूप से मूल्यांकनकर्ताओं तक पहुंचाया गया।

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