CBSE के OSM टेंडर पर 12वीं के छात्र ने खोल दी पोल, एक ब्लॉग ने हिला दी शिक्षा विभाग की नींव

CBSE OSM Controversy: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन की ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और टेंडर प्रक्रिया को लेकर झारखंड के एक छात्र सार्थक सिद्धांत के एक ब्लॉग ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस ब्लॉग में उन्होंने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े टेंडर डॉक्यूमेंट्स को खंगालने का दावा किया है, जिसमें कई कथित गलतियां शामिल हैं।

CBSE OSM Controversy: सीबीएसई बोर्ड 12वीं परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उठे सवाल अब एक बड़े विवाद का रूप लेते जा (CBSE OSM Controversy) रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों द्वारा कॉपियों की जांच प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों तथा मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा (CBSE OSM System) रही है। इस बीच झारखंड रांची के एक 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने अपने ब्लॉग के जरिए एक ऐसी पड़ताल सामने रखी है, जिसने शिक्षा विभाग की नींव हिला (CBSE OSM Portal) दीहै। इस ब्लॉग में उन्होंने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े टेंडर डॉक्यूमेंट्स को खंगालने का दावा किया है, जिसमें कई कथित गलतियां शामिल हैं।

CBSE OSM Controversy

CBSE OSM Controversy: CBSE के OSM टेंडर पर 12वीं के छात्र ने खोल दी पोल

रांची के 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत ने दावा किया है कि उन्होंने सीबीएसई के पुराने और नए टेंडर दस्तावेजों की तुलना की है। सार्थक के अनुसार, जिस कंपनी को पहले ग्लोबएरेना कहा जाता था और अब कोएम्प्ट (Coempt) के नाम से जाना जाता है, उसके बारे में पहले भी विवाद रहे हैं। आपको कोएम्प्ट के बारे में कुछ जानकारी दूं। इसे पहले ग्लोबरेना के नाम से जाना जाता था, और इसका इतिहास बहुत ही संदिग्ध है। कोएम्प्ट के कारण 23 छात्रों ने आत्महत्या कर ली… अब, मैं आपको आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) के बारे में बताना चाहूंगा। इसमें होता यह है कि सरकार टेंडर जारी करती है और बोली लगाने वालों से इसके लिए बोली लगाने को कहती है।

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