CBSE Academic Support Programme: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने लद्दाख प्रशासन के सहयोग से केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विशेष एकेडमिक सपोर्ट प्रोग्राम शुरू किया है। करीब एक महीने तक चलने वाली इस पहल का उद्देश्य छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना और कक्षा में पढ़ाई से जुड़ी उनकी जरूरतों को पूरा करना है।
CBSE Academic Support Programme: यहां देखें सीबीएसई एकेडमिट सपोर्ट प्रोग्राम
14 सितंबर से 14 अक्टूबर तक
सीबीएसई के अनुसार, यह कार्यक्रम पूरी तरह आमने-सामने की कक्षाओं के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत छात्रों को उनके संबंधित विषयों में अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम 14 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक लद्दाख के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किया जा रहा है। इनमें लेह, नुब्रा, शम्स, जंस्कार, करगिल, द्रास, चांगथांग, सांकू-चिकतन समेत कई ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं।
CBSE एग्जाम के लिए एकेडमिट तैयारी मजबूत करना
इस पहल का मकसद क्लासरूम-बेस्ड सपोर्ट के जरिए CBSE बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों की एकेडमिक तैयारी को मजबूत करना है। इस प्रोग्राम के तहत, 14 सितंबर से 14 अक्टूबर, 2026 तक लेह, नुब्रा, शम्स, ज़ंस्कार, करगिल, द्रास, चांगथांग, सांकू चिकतन और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य ऊंचे इलाकों में सरकारी स्कूलों में एकेडमिक सपोर्ट क्लास आयोजित की जा रही हैं।
खास विषयों पर एकेडमिट तैयारी पर फोकस
CBSE के सेक्रेटरी वरुण भारद्वाज ने एक बयान में कहा, ये सेशन खास विषयों की एकेडमिक तैयारी पर फोकस करते हैं और साथ ही छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के अहम पहलुओं से भी परिचित कराते हैं, जैसे कि असेसमेंट की रणनीतियां, परीक्षा की तकनीकें, समय का सही इस्तेमाल और सवालों के जवाब देने के तरीके। उन्होंने आगे कहा, देशभर के सीबीएसई से जुड़े स्कूलों के 250 से ज्यादा अनुभवी टीचरों और रिसोर्स पर्सन्स को ये सेशन चलाने और छात्रों को खास एकेडमिक गाइडेंस देने के लिए चुना गया है।
कॉन्सेप्ट की समझ को मजबूत करना
CBSE अधिकारी ने बताया कि बोर्ड का मकसद कॉन्सेप्ट की समझ को मज़बूत करना, परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाना और क्लासरूम के माहौल में छात्रों को खास एकेडमिक सपोर्ट देना है। उन्होंने आगे कहा, इस प्रोग्राम से लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्रों के सीखने के नतीजों (लर्निंग आउटकम) में भी सुधार होने की उम्मीद है।
इनपुट- PTI
