Bihar Board 12th Maths Paper Analysis in Hindi: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की तरफ से परीक्षाएं इस महीने की शुरुआत से शुरू हो चुकी हैं। सबसे पहले 1 फरवरी को जीवविज्ञान (आई.एस.सी.), दर्शनशास्त्र (आईए) का आयोजन किया गया, लेकिन इसके बाद आज 4 फरवरी को गणित (आईएससी) का आयोजन किया गया। अगर आपने भी बिहार बोर्ड 2025 कक्षा 12वीं गणित परीक्षा में भाग लिया था, तो देखें पेपर का पूरा विश्लेषण, क्या रही छात्रों की प्रतिक्रिया व कितना कठिन था पेपर
कैसा रहा बिहार बोर्ड 12वीं गणित का पेपर
इन परीक्षाओं का आयोजन दो पाली में किया जा रहा है, पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है।
Bihar Board Class 12 Maths
बिहार बोर्ड कक्षा 12 गणित की परीक्षा आज 9:30 से दोपहर 12:45 के बीच संपन्न हुई। परीक्षा होने के बाद बहुत से छात्रों से बातचीत के आधार पर ये लेख तैयार किया गया है, जानें बिहार बोर्ड 12वीं गणित परीक्षा देने के बाद पेपर का कठिनाई स्तर, प्रश्नों का स्वरूप और परीक्षा पैटर्न कैसा रहा, छात्रों ने क्या बताया।
BSEB 12th Maths Question Paper 2025
आज पहली पाली में आयोजित गणित परीक्षा में प्रश्न पत्र दो भागों (खंड ए और खंड बी) में विभाजित था:
- खंड A: इसमें 100 ऑब्जेक्टिव (MCQ) सवाल पूछे गए, जिनमें से आधे का उत्तर देना जरूरी था। हर सवाल के लिए एक अंक निर्धारित था।
- खंड B: इसमें 30 लघु उत्तरीय सवालों को शामिल किया गया था, और इस खंड में भी आधे सवालों का जवाब देना था। लेकिन इस खंड में प्रत्येक सवाल के लिए 2 अंक निर्धारित थे।
कैसा रहा बिहार बोर्ड 12वीं गणित का पेपर
- बात चीत के दौरान कई छात्र मिलें जिन्होंने मिले जुले स्टेटमेंट दिए जिनमें से कुछ यहां बताए जा रहे हैं जैसे
- पेपर कठिन था, और इसे निर्धारित समय में पूरा करना आसान नहीं था। मेरा पेपर छूट गया।
- इस बार का पेपर कठिन आया, मैंने पिछले कई सालों के पेपर्स सॉल्व किए थे, लेकिन ये उनकी तुलना में कठिन था।
- सवाल मध्यम स्तर के थे, और ज्यादातर सवाल NCERT से पूछे गए थे, ऐसे में आगे के पेपर्स के लिए NCERT पढ़ना जरूरी है।
- आज के पेपर में कुछ सवाल ट्रिकी थे, समय पर कम्प्लीट नहीं कर पाए।
- मुझे त्रिकोणमिति(Trigonometry) और कैलकुलस (Calculus) के सवालों ने ज्यादा उलझाया।
- पेपर ओवरऑल ठीक था, लेकिन मैथ्स जैसे स्कोरिंग पेपर पर टाइम मैनेजमेंट की भी प्रैक्टिस करनी होती है।
कई सेंटर्स पर छात्रों से बातचीत के आधार पर पता चला कि पेपर का स्तर मिला जुला था, यानी ज्यादातर ने पेपर को संतुलित बताया, इसके बाद कई छात्रों ने इसे कठिन बताया, जबकि आसान बताने वाले छात्र गिने चुने थे। ओवरऑल पेपर को मध्यम से कठिन माना जा सकता है।
