पुरुषों के खिलाफ किस कानून का धड़ल्ले से दुरुपयोग कर रही हैं महिलाएं? हाईकोर्ट हुआ सख्त

  • Agency by: Agency
  • Updated Jul 22, 2023, 02:32 PM IST

High Court Warns Women: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने महिलाओं को आइपीसी की धारा-376 के दुरुपयोग के खिलाफ चेताया है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि महिलाएं मतभेद पैदा होने सहित अन्य कारणों से इस कानून का अपने पुरुष साथियों के खिलाफ धड़ल्ले से दुरुपयोग कर रही हैं।

Uttarakhand News: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कहा कि इन दिनों एक महिला और उसके पुरुष साथी के बीच मतभेद पैदा होने पर महिलाओं द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-376 के तहत दुष्कर्म के लिए दंडित करने वाले कानून का एक हथियार की तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक महिला ने अपने पूर्व साथी के उससे शादी करने से इनकार करने के बाद उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

High Court Warns Women

महिलाओं को कानून का दुरुपयोग करने के लिए कोर्ट ने चेताया।

सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं

उच्चतम न्यायालय ने भी बार-बार इस बात को दोहराया है कि एक पक्ष के शादी से मुकर जाने की स्थिति में वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं करार दिया जा सकता। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि महिलाएं मतभेद पैदा होने सहित अन्य कारणों से इस कानून का अपने पुरुष साथियों के खिलाफ धड़ल्ले से दुरुपयोग कर रही हैं। न्यायमूर्ति शर्मा ने एक महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ कथित तौर पर यौन संबंध बनाने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए पांच जुलाई को यह टिप्पणी की।

End of Feed