राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को सामरिक जानकारियां देने वाले आरोपी हनीफ खान को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद इंटेलिजेंस अधिकारियों ने आरोपी को वेकेशन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि हनीफ खान सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने सेना के मूवमेंट और आर्मी एरिया की तस्वीरें भी लीक की थीं।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सुदेश सतवान ने बताया कि चार दिन की पूछताछ के दौरान आरोपी से कई अहम खुलासे हुए। हनीफ खान को जैसलमेर ले जाया गया, जहां उसकी निशानदेही पर उन जगहों की तस्दीक की गई, जिनकी तस्वीरें उसने पाकिस्तानी आकाओं को भेजी थीं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि हनीफ ने महज 30 हजार रुपये के लिए सामरिक ठिकानों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजीं और रुपये अपने भाई के खाते में ट्रांजैक्शन करवाए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हनीफ खान लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए वह संवेदनशील जानकारियां साझा करता था। ऑपरेशन सिंदूर अभियान के दौरान भी उसने सेना के मूवमेंट और आर्मी एरिया की गोपनीय तस्वीरें पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजी थीं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि हनीफ खान न सिर्फ खुद जासूसी कर रहा था, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके जानकारी जुटाने की कोशिश भी करता था। एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पड़ताल कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जासूसी गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। महज कुछ हजार रुपये के लालच में सामरिक जानकारी लीक करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है ताकि भविष्य में कोई भी देशविरोधी गतिविधि के लिए प्रलोभन में न आए।
फिलहाल हनीफ खान न्यायिक अभिरक्षा में है और जांच एजेंसियां उससे जुड़े अन्य पहलुओं की तह तक जाने की तैयारी में जुटी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
