कथित बलात्कार के मामले में बिहार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक के खिलाफ केस(Rape case against ias officer) दर्ज किया गया है। दानापुर स्थित अदालत के निर्देश के बाद इन दोनों के खिलाफ रुपासपुर पुलिस स्टेशन में प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। अदालत ने रविवार को पटना पुलिस को निर्देश दिए थे कि वो आइएएस अधिकारी संजीव हंस और राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व एमएलए के गुलाब यादव(rjd ex mla gulab yadav) के खिलाफ दिल्ली के होटल में कथित तौर पर बलात्कार मामले में केस दर्ज करे। बता दें कि मामला 2021 का है। इन दोनों लोगों को बंदूक की नोंक पर कथित तौर से रेप का आरोप है।
अदालती दखल के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
अदालती दखल के बाद केस दर्ज
पीड़िता की वकील की दलील के बाद एसीजेएम दानापुर ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पीड़िता ने 2021 में याचिका लगाई थी जिसके बाद अदालत ने पटना पुलिस से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। हालांकि अदालत के सामने रिपोर्ट को जब पेश नहीं किया गया कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया। एसीजेएम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पीड़िता ने पटना हाईकोर्ट का रु अभी तक पेश नख किया। हाईकोर्ट ने केस की दोबारा सुनवाई में कहा कि रेप के केस में पटना पुलिस को दानापुर एसीजेएम कोर्ट में पेश करना ही होगा। अदालत ने पटना पुलिस के रुख की भी आलोचना की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की दानापुर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस बीच पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वारदात के समय आईएएस अधिकारी संजीव हंस और आरजेडी के पूर्व एमएलए गुलाब यादव होटल में पीड़िता के साथ मौजूद थे।
