Kanpur Crime News: इंसान जिंदगी भर औलाद-औलाद करता रहता है, औलाद के लिए गली-गली की राख भी छानता रहता है, लेकिन जब औलाद सुब्रत मिनोचा जैसा हो तो हर कोई यह कहता है कि भगवान ऐसी औलाद से हमें बचाए। जिस बेटे के लिए कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (Vineet Minocha) ने क्या कुछ नहीं किया। पढ़ाया लिखाया, पाल-पोसकर बड़ा किया। उसी ने जवान होने के बाद ऐसा खेल रचा कि विनीत मिनोचा को दर्दनाक मौत मिली। जिस बेटे को उन्होंने बुढ़ापे का सहारा समझा था, उसी ने अपने नौकर के जरिए विनीत मिनोचा के सीने में खंजर उतरवा दिया। इतना ही नहीं बाप को मारने के बाद बेटे ने खुद को बचाने के लिए अपनी ही पत्नी को फंसा दिया।
कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटे ने ही रची थी साजिश (AI Photo- Newsroom Verified)
तकिये से बाप का मुंह दबाने का थी तैयारी
पुलिस की गिरफ्त में सुब्रत मिनोचा लगातार मुंह खोल रहा है। सारी साजिश सुब्रत ही रची थी। सुब्रत ने कहा, "पांच सितंबर की रात को हमने विशाल और उसके साथ राज किशोर को कहा था, कि जब हम निकाल जाएंगे, तब अंदर घुसिएगा, उसको मैंने चाबी दी थी। चाबी से उसने डुप्लीकेट चाबी बनाई थी। मैंने कहा था कि अंदर जाना, जब पिता जी आएं, तबतक छुपे रहना मेरे कमरे में। जब वो खाना खाकर सो जाएं तब तकिये से मुंह दबाकर मार देना, एक जना पैर पकड़ना एक जना मुंह दबाना।" लेकिन चाकू से हमला करके मौत ने सब खेल पलट दिया।
हत्या करने के बाद पिता को बना दिया चरित्रहीन
सुब्रत मिनोचा अब अपने ही पिता को चरित्रहीन ठहरा रहा है। पुलिस के सामने दिए बयान में सुब्रत ने कहा है कि उसने अपने पिता को इसलिए मारा, क्योंकि उसके पिता चरित्रहीन थे। कई महिलाओं से उनके संबंध थे। उसे डर था कि कहीं कोई महिला उसके घर न आ जाए, प्रेग्नेंट होकर, संपत्ति में हिस्सा लेने। इसलिए उसने अपने बाप को मरवा दिया।
कर्ज में डूबा था सुब्रत
सुब्रत एक तरफ अपने पिता को चरित्रहीन बता रहा है तो दूसरी तरफ कर्ज की बात भी स्वीकार रहा है। जो हत्या के लिए ज्यादा उपयुक्त वजह लग रही है। सुब्रत को महीने के खर्च के लिए 40 हजार रुपये मिलते थे, जबकि उस पर 40 लाख का कर्ज था, जिसकी EMI हर महीने 55-56 हजार जाती थी। बाकी पैसे के लिए सुब्रते कभी कर्ज लेता तो कभी दुकान में चोरी करवाता। यहां भी उसका क्राइम पार्टनर उसका पुराना नौकर विशाल ही था।
तीन चार महीने से चल रही थी साजिश
सुब्रत ने पुलिस के सामने स्वीकारा है कि वह अपने पिता को मारने की साजिश पिछले 3-4 महीने से रच रहा था। सुब्रत ने अपने नौकर को इसमें शामिल किया था, उसे पैसों का लालच दिया था। नौकर विशाल ने पहले एक्सीडेंट में विनीत मिनोचा को मारने का आइडिया दिया था। लेकिन इसपर सहमति नहीं बनी। फिर पांच तारीख का प्लान बना, जिस दिन किट्टी पार्टी थी। हमने कैमरे की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। जब विशाल, विनीत मिनोचा को मार देता तो अगले दिन सुब्रत उसे नेचुरल मौत बता देता।
