Tihar Jail Suicide News: 26 मई को तिहाड़ जेल में बंद कैदी इमरान ने बाथरूम में फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था।तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक इमरान अंडर ट्रायल कैदी था और जेल नंबर 4 में बंद था, इमरान पर आर्म्स एक्ट का मामला कोर्ट में चल रहा था। 22 मई को जावेद नाम के कैदी ने सुसाइड किया था। तिहाड़ जेल का दावा रहता है की जेल में कैदियों की सुरक्षा बेहद पुख्ता है ऐसे में लगातार हत्या और सुसाइड के मामले ये बताते हैं की जेल की सुरक्षा में सेंध लग चुकी है। हाल ही में तिहाड़ में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद जेल प्रशासन पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ था। इस घटना के बाद ज्यादातर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला भी किया गया है। हाल ही में इस तरह के आरोप भी लगे कि जेल के अंदर के कर्मचारी भी घटनाओं को अंजाम दिलाने में शामिल रहते हैं। ऐसा भी देखा गया है कि जेल रक्षक की मौजूदगी में कैदियों में झड़प हो जाती है और वो चुपचाप तमाशा देखते रहते हैं।
तिहाड़ जेल में खुदकुशी
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
कैदियों द्वारा खुदकुशी पर मनोचिकित्सक दो बड़ी वजह बताते हैं। पहला तो ये कि जो विचाराधीन कैदी होते हैं उनके मामले जल्दी ट्रायल पर नहीं आ पाते हैं और वो अवसाद में चले जाते हैं। अब चूंकि जेल है तो जेल रक्षक भी उन्हें हिकारत के नजरिए से देखते हैं और ऐसे में कैदी बड़ा कदम उठा लेते हैं। दूसरी वजह यह है कि कुछ कैदी ऐसे होते हैं जिनके परिवार वाले उनसे मिलने के लिए कभी नहीं आते हैं और उसका असर उनके मानस पर पड़ता है। एक तरह से वो गंभीर अवसाद का सामना कर रहे होते हैं अगर कोई असामान्य परिस्थिति का निर्माण होता है तो वे खुदकुशी का फैसला कर लेते हैं।
