कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों ना हो कोई ना कोई सुराग छोड़ ही जाता है। इसके साथ एक कहावत और है कानून के हाथ लंबे होते हैं। यह दोनों कहावत दिल्ली की एक मर्डर मिस्ट्री पर सटीक बैठती है। नांगलोई इलाके में 11 साल की नाबालिग की हत्या हुई थी और पुलिस को हत्यारे की तलाश थी। यह मामला शायद सुलझा ना होता यदि आरोपी ने पीड़ित की मां के नंबर पर फोन ना किया होता। पुलिस की जांच जब आगे बढ़ी तो पीड़ित की मां के फोन पर मिस्ड कॉल से कड़ियां धीरे धीरे सुलझने लगीं। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और अब आरोपी गिरफ्त में है।
दिल्ली में 9 फरवरी को नाबालिग लड़की हत्या हुई थी
9 फरवरी को हत्याकांड
पुलिस का कहना है कि वारदात वाले दिन यानी 9 फरवरी से पहले पीड़ित स्कूल से अपने घर के लिए निकली। लेकिन वो अपने घर नहीं पहुंची। उसी दिन पीड़ित की मां का फोन बजा। जब उन्होंने कॉल बैक किया तो फोन बंद आने लगा। उसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और 12 दिन बाद यानी 21 फरवरी को पुलिस ने आरोप रोहित ऊर्फ विनोद को गिरफ्तार किया। पीड़ित के माता पिता ने वारदात वाले दिन ही पुलिस में केस दर्ज कराया और उसके बाद तफ्तीश शुरू हुई।
12 दिन बाद गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी और इलेक्ट्रॉर्निक सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की धरपकड़ की कार्रवाई तेज हुई। पुलिस ने पंजाब और मध्य प्रदेश में छापेमारी की और आरोपी 21 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी मे गुनाह कबूला और बताया कि 9 फरवरी को लड़की की हत्या के बाद शव को उसने घेवड़ा मोड़ पर फेंक दिया। बाद में पुलिस ने सड़ी गली हालत में शव को बरामद किया।
