Ahemdabad News: अहमदाबाद के यू.एन. मेहता अस्पताल में सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने इस मामले में प्राइवेट ठेका कंपनी के दो सुपरवाइजरों के खिलाफ गैर-जिम्मेदारी और लापरवाही का मामला दर्ज किया है। एफआईआर के मुताबिक, घटना 6 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 से 7:30 बजे के बीच अस्पताल के बेसमेंट-1 में बायोमेडिकल विभाग के पास स्थित ड्रेनेज लाइन की सफाई के दौरान हुई। शिकायतकर्ता प्रवीण उर्फ बलो कालूभाई वाघेला (32) ने पुलिस को बताया कि वह पिछले एक साल से स्मार्ट मेंटेनेंस कंपनी के जरिए यू.एन. मेहता अस्पताल में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहा है। कंपनी में राज भरतकुमार बारोट और पिनाकिन धनजीभाई परमार चीफ सुपरवाइजर हैं।
अहमदाबाद में सीवर सफाई के दौरान बड़ा हादसा (प्रतीकात्मक फोटो)
सुपरवाइजरों ने सीवर साफ करने भेजा
एफआईआर के अनुसार, सुपरवाइजरों ने शिकायतकर्ता, रोकी मूलजीभाई मकवाणा, साहिल किरीटभाई नाडिया, मयूर रमणभाई ठाकोर, साहिल हसमुखभाई परमार समेत अन्य कर्मचारियों को ड्रेनेज लाइन की सफाई का काम सौंपा। सबसे पहले साहिल नाडिया सीवर में उतरे, लेकिन घुटन महसूस होने पर वे बाहर आ गए। कुछ देर बाद जब वो दोबारा नीचे उतरे तो उनका फिर से दम घुटने लगा और फिर बाहर निकल आए। इसके बाद रोकी मकवाणा सीवर में उतरे, लेकिन जहरीली गैस के कारण बेहोश होकर अंदर ही गिर पड़े और बाहर नहीं निकल सके।
बचाने गए कर्मचारी भी हुए बेहोश
रोकी को बचाने के लिए साहिल नाडिया सीवर में कूदे, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता प्रवीण दोनों को बचाने के लिए नीचे उतरा, लेकिन उसकी भी हालत बिगड़ गई और वह भी बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह प्रवीण को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने रोकी और साहिल को सीवर से बाहर निकाला। इलाज के दौरान रोकी मूलजीभाई मकवाणा की मौत हो गई, जबकि साहिल नाडिया का इलाज जारी है।
बिना सुरक्षा उपकरण उतारने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के दोनों सुपरवाइजरों ने यह जानते हुए भी कि सीवर की सफाई बेहद खतरनाक है और इससे किसी की जान जा सकती है, कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था के सीवर में उतार दिया। शिकायत में कहा गया है कि इस लापरवाही के कारण रोकी मकवाणा की मौत हुई, जबकि शिकायतकर्ता और साहिल नाडिया की जान भी खतरे में पड़ गई। पुलिस ने दोनों सुपरवाइजरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
