West Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहा विवाद अब उपचुनाव के मैदान में भी दिखाई देने लगा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सोमवार को 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। इससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के साथ उसकी चुनावी टक्कर और तेज हो गई है। दोनों खेमों के बीच पार्टी के नाम, संगठन पर नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद अभी भी जारी है। बागी गुट ने पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम सीट से मोहम्मद एतेशामुल हक को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर विधानसभा सीट से सफीउद्दीन शेख को चुनाव मैदान में उतारा गया है। इस घोषणा के साथ दोनों TMC गुटों के बीच उपचुनाव में सीधा मुकाबला होने की स्थिति बन गई है।
बागी TMC गुट के प्रमुख ऋतब्रत बनर्जी (फोटो- PTI)
ऋतब्रत ने पहले बोली थी क्या बात?
ऋतब्रत बनर्जी गुट के इस फैसले को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद पार्टी में हुए विभाजन के बाद यह इस गुट की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा होगी। इससे पहले ऋतब्रत गुट ने कहा था कि अगर नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ती हैं, तो वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा। अब ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनावी मैदान में नहीं उतरने के बाद बागी गुट ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ऐसे में 6 अक्टूबर के उपचुनाव में TMC के दोनों धड़ों के बीच सीधा चुनावी मुकाबला देखने को मिल सकता है।
ममता बनर्जी ने उतारा था इन्हें
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने रविवार को नंदीग्राम सीट से नए चेहरे के तौर पर संचिता प्रधान (डे) को उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं, रेजीनगर विधानसभा सीट से पार्टी ने पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है। बागी गुट की ओर से भी उम्मीदवारों के ऐलान के बाद दोनों सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। उपचुनाव में TMC के दोनों धड़े खुद को पार्टी की वास्तविक राजनीतिक विरासत का दावेदार साबित करने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी इस आंतरिक कलह का फायदा उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर सकती है। पार्टी के नाम, संगठनात्मक ढांचे, संपत्तियों और 'जोड़ा घास फूल' चुनाव चिह्न पर दोनों गुटों के दावों को लेकर चुनाव आयोग पहले ही दोनों पक्षों की दलीलें सुन चुका है।
