बिहार की विकासशील इंसान पार्टी अब यूपी के विधानसभा चुनाव में बड़ा खेल करना चाहती है। इसके लिए पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी इन दिनों यूपी में लगातार दौरे कर रहें है और संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में उन्हें ओपी राजभर की पार्टी सुभसपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप का साथ मिला है। यूपी की राजनीति में दिग्गज सुहेलदेव भारती समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप और पूर्व राज्यमंत्री अच्छे लाल निषाद ने आज अपने हजारों समर्थकों के साथ वीआईपी की सदस्यता ग्रहण की। इन सभी को पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने सदस्यता दिलाई। इस मौके पर मुकेश सहनी ने कहा कि प्रेमचंद कश्यप के आने से पार्टी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यूपी के लोग अब बदलाव के लिए तैयार हैं।
एसबीएसपी प्रदेश अध्यक्ष वीआईपी में शामिल
प्रेमचंद कश्यप ने कहा ये
सुहेलदेव भारती समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप ने वीआईपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि ओम प्रकाश राजभर से प्रभावित होकर पार्टी में काम किया, लेकिन पिछड़ों, दलितों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया था, वे खरे नहीं उतरे। यही कारण है कि आज उन्होंने उस पार्टी से इस्तीफा दिया और वीआईपी की सदस्यता ग्रहण की। अब वो निषाद, कश्यप आरक्षण की लड़ाई के लिए संघर्ष करेंगे। भाजपा ने आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन अब पलट गई। उन्होंने कहा कि भाजपा आज भगवान राम के नाम पर चल रही है, लेकिन निषाद को सम्मान नहीं दिया।
मुकेश सहनी ने दी यह चेतावनी
वहीं मुकेश सहनी ने कहा कि समाज अब अपने "लीडर" के साथ रहेगा न कि किसी "लोडर" के साथ। उन्होंने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अब समाज की भलाई नहीं चाहते, बल्कि भाजपा को सत्ता में लाना चाहते हैं और अपने परिवार को ध्यान देना चाहते हैं। मुकेश साहनी ने कहा कि संजय निषाद आज भाजपा के साथ हैं; वे निषाद को आरक्षण दिलवा दें, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा, नहीं तो वे हमारे साथ आएं। समाज के अधिकार की लड़ाई हम मिलकर लड़ेंगे। साहनी ने कहा कि अब वीआईपी का कारवां बढ़ चला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी बड़ी सेना तैयार हो रही है। भाजपा अगर निषाद को आरक्षण नहीं देती, तो आने वाले दिनों में हम उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि भाजपा संविधान को नहीं मानती। सत्ता में बने रहना ही उनका मकसद है। उन्होंने इसके लिए पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि निषाद ने सबको परखा और देख लिया, अब अपने अधिकार के लिए स्वार्थियों को सबक समाज सिखाएगा।
अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं
इसी दौरान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के खिलाफ कार्य को मानी गईं, जिसके चलते यह कठोर निर्णय लिया गया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पार्टी की विचारधारा व नीतियों के विरुद्ध जाने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रेमचंद कश्यप के कार्यों को लेकर शिकायतें
सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से प्रेमचंद कश्यप के कार्यों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मामले की आंतरिक जांच के बाद निष्कासन का निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आगामी रणनीति को लेकर पार्टी जल्द ही नया नेतृत्व जल्द घोषित करेंगी! सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और जो भी व्यक्ति इसके अनुरूप कार्य नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्टी का कहना है कि सुभासपा अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के हक और हिस्सेदारी की लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। पार्टी के अनुसार, इसी सक्रियता से विपक्षी दल परेशान हैं, लेकिन उनके किसी भी मनसूबे को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
