Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में वित्तीय अनियमितता (Financial Irregularities) के चलते विलेज डेवलपमेंट ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिले के मुरली छपरा विकासखंड के कोडहरा नोबरार ग्राम पंचायत में 53 लाख रुपये के वित्तीय अनियमितता के आरोप में अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया। ग्राम पंचायत की शिकायत पर मामले की जांच की गई और जांच में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई, जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया।
वित्तीय अनियमितता के आरोप में ग्राम विकास अधिकारी सस्पेंड
ग्राम पंचायत ने की वित्तीय अनियमितता की शिकायत
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज ने शनिवार को बताया कि कोडहरा नोबरार ग्राम पंचायत के राम किशोर द्वारा शिकायत किया गया कि ग्राम पंचायत सचिव एवं प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत से बिना कार्य कराये ही धनराशि का आहरण किया गया है। सीडीओ ने कहा कि शिकायत के क्रम में ग्राम पंचायत द्वारा कराये गये कार्यों की जांच खंड विकास अधिकारी, मुरली छपरा एवं लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता से कराई गई जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आया कि निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता की गई है।
अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सचिव देवानंद गिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है तथा प्रकरण में सचिव के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रकरण में संलिप्त कर्मचारियों की जांच जिला विकास अधिकारी बलिया द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित ग्राम प्रधान के विरुद्ध भी पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जांच में 53 लाख रुपये के वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है।
(इनपुट - भाषा)
