Navratri 2022: नवरात्र में शक्तिपीठों में दर्शन एवं पूजन का विशेष महत्व होता है। देश के प्रमुख शक्तिपीठों में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सटे मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी के पावन धाम में नवरात्र पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। कोरोना संक्रमण के वजह से दो वर्ष बाद शारदीय नवरात्र पर विंध्याचल धाम में मेले को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। नवरात्र के एक दिन पूर्व ही विभिन्न प्रकार के पुष्पों से सजा विंध्याचल धाम एक अलौकिक छटा बिखेर रहा है। पहली बार विदेशी फूलों से विंध्याचल धाम की सजावट की गई है।
विंध्यवासिनी के धाम में अलौकिक छटा से नहीं हट रही नजर।
विध्यांचल धाम विभिन्न देसी- विदेशी पुष्पों की लड़ियों से सजाया गया है, वहीं देवी धाम का भव्य नजारा देख श्रद्धालु विभोर हो रहे हैं। गंगा घाट भी कलरफुल रोशनी से नहा उठे हैं। शारदीय नवरात्र के पूर्व ही मेला क्षेत्र सजधज कर तैयार हो चुका था। सोमवार प्रातः काल कलश स्थापन के साथ विंध्याचल मेले का आरंभ हो गया। ऐसे में फूलों से सजा मां का दरबार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मंगला आरती के साथ नवरात्रि मेले का हुआ शुभारंभ
माता विंध्यवासिनी के धाम को देश के अन्य हिस्सों से आकर्षक मनोहारी फूलों को मंगाया गया था। कोलकाता से आए कारीगरों ने देवी धाम को फूलों से सजावट की है। विंध्याचल मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी जगह-जगह फूल मालाओं से सजावट की गई है। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बैरीकेडिंग भी की गई है। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर सुबह मंगला आरती के साथ विंध्याचल धाम में नवरात्रि मेले का शुभारंभ हो गया। माता विंध्यवासिनी का धाम जयकारे से गूंज उठा। दोपहर 12 बजे तक लगभग चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में दर्शन कर चुके थे।
दर्शन-पूजन का जारी है सिलसिला
मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला लगातार जारी है। शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मां भगवती दर्शन देंगी। गंगा नदी में स्नान कर श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने के लिए कतारबद्ध हो गए। प्रशासन की ओर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात है। मेला प्रभारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि, लगभग चार लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके हैं। कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्ष बाद शारदीय नवरात्र पर विंध्याचल मेले को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है।
