Varanasi News: वाराणसी का आसमान सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना (IAF) के अद्भुत हवाई करतबों का गवाह बना। वाराणसी के नमो घाट के ऊपर होने वाले एयर शो की तैयारियों के तहत 19 अक्टूबर 2026 को पहला फुल रिहर्सल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सुबह लगभग 10:40 बजे वायुसेना के सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों ने जब गंगा नदी और नमो घाट के ऊपर से उड़ान भरी, तो पूरा शहर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 21 अक्टूबर को दूसरा रिहर्सल प्रस्तावित है, जिसके बाद मुख्य एयर शो का आयोजन किया जाएगा।
लूप और बैरल रोल से गरजा आसमान
सोमवार को अभ्यास सत्र के दौरान वायुसेना के तीन लड़ाकू विमानों ने सुबह 10:40 बजे से 11:35 बजे तक नमो घाट के आसमान में जांबाजी का प्रदर्शन किया। इस दौरान विमानों ने लूप, बैरल रोल और लो पास जैसे करतब दिखाए। नमो घाट, राजघाट और आसपास के इलाकों के लोग अपने घरों की छतों पर निकले और नजारा देखा।
नमो घाट पर ATC स्थापित, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
एयर शो के सुचारू संचालन और उड़ानों के सटीक समन्वय के लिए नमो घाट पर अस्थाई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की स्थापना कर दी गई है। लाखों की संख्या में पहुंचने वाली संभावित भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को दो प्रमुख जोन में बांटा गया है। गंगा किनारे के घाट सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से 21 सेक्टरों में विभाजित किए गए हैं। गंगापार रेती क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बंटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में प्रशासनिक निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए 51 मैरिज लॉन और खुले मैदानों को अधिग्रहित कर पार्किंग एरिया बनाया गया है। श्रद्धालुओं और दर्शकों के पीने के पानी के लिए पड़ोसी जिलों से दो दर्जन से अधिक वाटर टैंकर मंगाए गए हैं।
रेलवे और बस स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया
एयर शो देखने आने वाली भीड़ चरणबद्ध तरीके से पहुंचेगी, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं का रेला एक साथ वापस लौटेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन और वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर 10 विशेष ट्रेनों को स्टैंडबाय पर तैयार रखा गया है, जिन्हें भीड़ का दबाव बढ़ते ही तुरंत विभिन्न रूटों पर रवाना किया जाएगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों के रुकने के लिए विशाल होल्डिंग एरिया को चाक-चौबंद किया गया है।
