गुजरात के वलसाड जिले में स्थित वापी कोर्ट ने पत्नी की नृशंस (Brutal) हत्या के मामले में आरोपी पति को फांसी की सजा सुनाकर एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की है। यह घटना सितंबर 2021 में वापी के डुंगरा क्षेत्र में घटित हुई थी, जिसने उस समय पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में जांच कर रही डूंगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और समय रहते आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में उसकी पेशी की गई। लंबे समय से चल रहे इस मामले में 4 साल बाद आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई है।
पत्नी का सिर काट नाले में फेंकने वाले को कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा कि रूह कांप जाए
इस वजह से की थी पत्नी की हत्या
आरोपी लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा ने चरित्र पर संदेह के चलते अपनी पत्नी साधना देवी की सोते समय गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस अपराध की क्रूरता और अपराधी की मानसिकता को देखते हुए इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' यानी दुर्लभ से दुर्लभतम मामला माना और अपराधी को मृत्युदंड की सजा का आदेश दिया।
कटा हुआ सिर लेकर इलाके में घूमता रहा हत्यारा
यह मामला सामान्य हत्याओं से कहीं अधिक भयानक था। पुलिस जांच और गवाहों के अनुसार, लक्ष्मीकांत ने न केवल अपनी पत्नी की जान ली, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार की। आरोपी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। इतना ही नहीं, हत्या को अंजाम देने के बाद वह पत्नी का कटा हुआ सिर और खून से सना हुआ चाकू लेकर सड़क पर खुलेआम घूमता रहा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। बाद में उसने कटा हुआ सिर एक नाले में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया। डुंगरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को कम समय में ही गिरफ्तार कर लिया था।
एक ही महीने में सुनाई फांसी की दूसरी सजा
वापी कोर्ट द्वारा सुनाया गया यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि एक ही महीने में कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में फांसी की सजा का आदेश जारी किया है। इससे पहले, एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। एक महीने के भीतर नृशंस अपराधियों को दी गई ये दो फांसी की सजाएं न्यायपालिका के कड़े रुख को स्पष्ट करती हैं।
