Vaishno Devi Navratri 2025: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर को शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर फूलों से सजा कर तैयार किया गया, जिससे अगले नौ दिनों में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए उत्सव का वातावरण बन गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने तीर्थयात्रियों का मार्गदर्शन करने, भीड़ प्रबंधन करने और 12 किलोमीटर लंबी यात्रा मार्ग पर सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया है। साथ ही, तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। इससे पहले, 26 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान मार्ग पर विनाशकारी भूस्खलन के कारण तीर्थयात्रा 22 दिनों तक रद्द रही थी, जिसमें 34 लोगों की मौत और 20 अन्य घायल हुए थे। इसके बाद 17 सितंबर से यात्रा फिर से शुरू हुई। नवरात्र, जो 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मनाया जाएगा, देवी दुर्गा की उपासना का प्रमुख पर्व है और माता वैष्णो देवी मंदिर में इसका विशेष महत्व है। इस दौरान सबसे अधिक तीर्थयात्री मंदिर जाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और समृद्धि व कल्याण की कामना के साथ चढ़ाई करते हैं।
श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी
एसएमवीडीएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि मंदिर बोर्ड ने त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के हर पहलू का ध्यान रखा गया है, और पूरे मार्ग तथा गर्भगृह सहित मंदिर के विभिन्न हिस्सों को अतिरिक्त सीढ़ियों और सजावट के साथ श्रद्धालुओं के बेहतर अनुभव के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष हेल्प डेस्क के अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है, जो श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेंगे और उनके सवालों का उत्तर देंगे। एसएमवीडीएसबी के सीईओ ने कहा कि स्वयंसेवकों की पहचान उनके विशेष पहनावे से की जा सकती है, जिस पर लिखा होगा, “मैं आपकी कैसे मदद कर सकता हूं।” मंदिर बोर्ड ने संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वायरलेस सेट फिर से शुरू किए हैं और यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त संकेतक लगाए गए हैं। इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त गश्ती निगरानी की योजना बनाई गई है। त्योहारों के दौरान पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), अर्धसैनिक बल और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की भागीदारी के साथ बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिटी आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य
अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच दिनों में मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है, और शुक्रवार को 4,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीर्थयात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने, निर्धारित मार्गों का पालन करने और कर्मचारियों के सहयोग का पालन करने की सलाह दी गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिटी (RFID) आधारित ट्रैकिंग भी अनिवार्य की गई है। इस बीच, जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तूती ने शनिवार को जम्मू में बैठक की, जिसमें नवरात्र, रामनवमी, दशहरा और दिवाली जैसे आगामी त्योहारों के लिए प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की समीक्षा की गई।
विभिन्न व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई
अधिकारियों ने नागरिक आपूर्ति, सुरक्षा, संपर्क, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, सड़क व यातायात व्यवस्था, पेयजल व बिजली आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की। उपायुक्तों को निर्देश दिए गए कि वे व्यक्तिगत रूप से उन धार्मिक स्थलों का दौरा करें, जहां त्योहारों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। पुलिसकर्मियों की उचित तैनाती, कतार प्रबंधन, धार्मिक जुलूसों के मार्गों की योजना और रामलीला स्थलों के चयन के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य और अग्निशमन विभागों को पर्याप्त चिकित्सक, कर्मचारी, एम्बुलेंस और दमकल वाहन तैनात करने को कहा गया है। इसके अलावा, पटाखों की बिक्री के लिए चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय लागू करने का भी निर्देश दिया गया है।
